स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता और सहज उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
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नई दिल्ली,। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को साउथ ब्लॉक स्थित रक्षा मंत्रालय में यूरोपीय आयोग की उच्च प्रतिनिधि एवं उपाध्यक्ष काजा कालास से मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक में भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच सुरक्षा और रक्षा सहयोग को और अधिक मजबूत करने पर व्यापक चर्चा हुई। इस बैठक की खास बात यह रही कि इसमें भारतीय सशस्त्र बलों के तीनों सेनाओं के प्रमुख—थलसेना, नौसेना और वायुसेना प्रमुख—भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, कि भारत और यूरोपीय संघ लोकतंत्र, बहुलवाद और कानून के शासन जैसे साझा मूल्यों में विश्वास रखते हैं। यही मूल्य दोनों पक्षों के बीच लगातार मजबूत होती साझेदारी की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा, कि भारत इन साझा मूल्यों को वैश्विक स्थिरता, सतत विकास और समावेशी समृद्धि के लिए ठोस और व्यावहारिक सहयोग में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है। रक्षा मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भारत-ईयू सहयोग का महत्व और बढ़ गया है। ऐसे समय में जब अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियां जटिल होती जा रही हैं, दोनों पक्षों के बीच रणनीतिक संवाद और सहयोग को नई दिशा देने की आवश्यकता है। बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर कहा, नई दिल्ली में काजा कालास से मुलाकात कर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान द्विपक्षीय सुरक्षा और रक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। इसमें विश्वसनीय रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण, रक्षा आपूर्ति श्रृंखलाओं के एकीकरण और भविष्य के लिए तैयार रक्षा क्षमताओं के विकास में सहयोग की संभावनाएं प्रमुख रहीं। यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कालास ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में आमंत्रित किए जाने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में यूरोपीय संघ की भागीदारी को गर्व का विषय बताया। कालास ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ को हिंद महासागर क्षेत्र में मिलकर काम करना चाहिए और संयुक्त सैन्य अभ्यासों के जरिए एक-दूसरे की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों से सीखने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
