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वॉशिंगटन/कीव, । ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होता दिख रहा था, लेकिन दावोस यात्रा से लौटने के बाद ट्रंप के नए बयान और अमेरिकी सैन्य तैनाती ने हालात फिर बिगाड़ दिए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि तेहरान पर किसी भी तरह का हमला किया गया तो उसे ऑल-आउट वॉर माना जाएगा और उसका जवाब बेहद कठोर तरीके से दिया जाएगा। इस बीच एक आईआरजीसी कमांडर ने यह भी कहा है कि उनकी उंगली ट्रिगर पर है। उधर, रूस और यूक्रेन की शांति-वार्ता के बीच दोनों देशों ने एक-दूसरे पर अटैक किया है। यह इस बात का संकेत है कि विश्व भीषण जंग के मुहाने पर पहुंच गया है। रूस ने राजधानी कीव और यूक्रेन के नॉर्थ ईस्ट में मौजूद खार्किव शहर पर जोरदार बमबारी की है, जिससे कई इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है, जबकि कुछ जगहों पर आग भी लग गई। कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को और कीव के सैन्य प्रशासन के प्रमुख तैमूर तकाचेंको ने इस हमले के बाद एक बयान जारी कर घायलों और इससे हुए नुकसान की जानकारी दी है। रूस की ओर से यूक्रेन पर ये बड़ा हमला ऐसे वक्त में हुआ है, जब संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में अमेरिका की मध्यस्थता में रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल शांति वार्ता के सिए बातचीत कर रहे हैं। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पश्चिम एशिया में अपने युद्धपोत भेजने वाले बयान के बाद अब ईरान ने भी नई चेतावनी जारी की है। ईरान ने कहा है कि अगर जबरन थोपा गया तो ईरान भी युद्ध के लिए तैयार है। वहीं एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा कि अमेरिका की ओर से सीमित, सर्जिकल या किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई को ईरान ऑल-आउट वॉर के रूप में देखेगा। अधिकारी ने कहा कि इस बार अगर हमला हुआ तो हम अपने पास मौजूद हर संसाधन का इस्तेमाल करेंगे। और सबसे कड़े तरीके से जवाब देंगे। यह बयान ऐसे समय आया है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी युद्धपोतों का एक बड़ा बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है। अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन और टॉमहॉक मिसाइलों से लैस तीन विध्वंसक जहाज मिडिल ईस्ट भेजे गए हैं। इसके अलावा अमेरिकी वायुसेना ने दर्जनभर एफ-15ई फाइटर जेट भी तैनात किए हैं। ईरान की सेना किसी भी हालात के लिए तैयार ईरानी अधिकारी ने कहा कि देश हाई अलर्ट पर है और सेना किसी भी वस्र्ट-केस सीनारियो के लिए तैयार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लगातार अमेरिकी सैन्य दबाव में रहने वाले देश के पास अपनी रक्षा के लिए हर विकल्प तैयार रखना मजबूरी है।गौरतलब है कि नए साल की शुरुआत से ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों का दौर जारी है। मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक, इन प्रदर्शनों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक 5,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। ट्रंप पहले ईरान की कार्रवाई को लेकर सैन्य हस्तक्षेप की धमकी दे चुके हैं, हालांकि पिछले हफ्ते उन्होंने नरमी के संकेत दिए थे। ईरान के कई शहर यूएसएस अब्राहम लिंकन के स्ट्राइक रेंज में राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी जंगी जहाज यूएसएस अब्राहम लिंकन अरब सागर में ईरान की ओर तेजी से बढ़ रहा है। ईरान के कई शहर इसकी स्ट्राइक रेंज में हैं। रिपोट्र्स के मुताबिक यह अरब सागर में अमेरिकी सेंट्रल कमांड के जोन में आ चुका है। साथ ही अमेरिका का सी 37-बी एयरक्राफ्ट भी ईरान के उत्तर में तुर्कमेनिस्तान के अशगाबाद बेस पहुंच गया है। यूएसएस अब्राहम लिंकन पहले साउथ चाइना सी में तैनात था। 18 जनवरी को यह मलक्का स्ट्रेट पार कर हिंद महासागर में दाखिल हुआ। यूएसएस अब्राहम लिंकन 20 नॉट से ज्यादा की रफ्तार से आगे बढ़ा और बाद में अपनी लोकेशन छिपाने के लिए ऑटोमैटिक पहचान सिस्टम बंद कर दिया। इसी रफ्तार से चलने पर शनिवार को मिडिल ईस्ट में पहुंच सकता है।अब्राहम लिंकन के साथ कई डिस्ट्रॉयर जहाज और न्यूक्लियर पनडुब्बियां भी चल रही हैं। एयरक्राफ्ट कैरियर पर 48 से 60 एफ/ए-18 फाइटर जेट मौजूद हैं। ये बिना ईंधन भरे 2300 किलोमीटर दूर तक हमला कर सकते हैं। अमेरिकीमिलिट्रीबेस हमारे निशाने पर: जावेद ट्रम्प ने ऐसे सैन्य विकल्पों की मांग की है, जिनका असर ‘निर्णायक’ हो। रक्षा मंत्रालय पेंटागन और व्हाइट हाउस ने इन पर काम करना शुरू कर दिया है। इनमें ईरानी शासन को सत्ता से हटाने की योजना भी शामिल है। अमेरिकी गतिविधियों के जवाब में ईरानी सुप्रीम काउंसिल के जावेद अकबरी ने कहा है कि मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सभी सैन्य अड्डे ईरान के निशाने पर हैं। हमारी मिसाइलें आदेश के इंतजार में दुश्मन पर गरजने को तैयार हैं। जॉर्डन में फाइटर जेट्स तैनात किए यूएस एयरफोर्स ने जॉर्डन में कम से कम 12 एफ-15 फाइटर जेट्स तैनात किए हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि और विमान भी रास्ते में हैं। 20 से 22 जनवरी के बीच अमेरिकी सी-17 सैन्य ट्रांसपोर्ट विमान कई बार जॉर्डन के मफराक अल-खवाजा एयरबेस पहुंचे। रिपोर्ट के मुताबिक इन विमानों से पैट्रियट-3 मिसाइल डिफेंस सिस्टम लाए गए हैं। इनका मकसद इजराइल को ईरान की जवाबी कार्रवाई से बचाना है, क्योंकि तेहरान पहले ही बदले की धमकी दे चुका है। इसके अलावा हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर लगातार कार्गो विमान उतर रहे हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका संभावित सैन्य ऑपरेशन के लिए रसद और सैनिकों की तैनाती कर रहा है।
