मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ का देशभक्ति सॉन्ग ‘जय हिंद’ हुआ स्टीबिन बेन की आवाज में रिलीज, नजर आई सलमान खान और चित्रांगदा सिंह की जोड़ी
Spread the loveसलमान खान और चित्रांगदा सिंह स्टारर...
Spread the loveसलमान खान और चित्रांगदा सिंह स्टारर...
Spread the loveरायपुर। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ(आरएसएस)के सरसंघचालक डा.मोहन...
Spread the loveखेल प्रतिभाओं को अवसर और विश्वस्तरीय...
*एकता कपूर हैं टेलीविजन, सिनेमा और भारत के दर्शकों को यादगार कहानियों देने वाली निर्माता*
एक ऐसे इंडस्ट्री में, जहां ज़्यादातर प्रोड्यूसर सिर्फ एक ही तरह के काम तक सीमित रह जाते हैं, एकता कपूर अलग पहचान रखती हैं। वह भारतीय एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की उन गिनी-चुनी महिला निर्माताओं में से हैं, जिन्होंने टेलीविजन, सिनेमा और अलग-अलग जॉनर में लंबे समय तक लगातार सफलता हासिल की है।
1. फैमिली ड्रामा, जिसने भारतीय टेलीविजन की पहचान बनाई
एकता ने सिर्फ टीवी शोज़ नहीं बनाए, बल्कि हर घर की रोज़ की आदत बना दी। क्योंकि सास भी कभी बहू थी, कसौटी ज़िंदगी की और कहानी घर घर की जैसे सुपरहिट सीरियल्स ने दर्शकों को टीवी से बांध दिया और किरदारों को घर-घर में मशहूर कर दिया।
2. हॉरर और सुपरनैचुरल थ्रिलर
जब हॉरर को मेनस्ट्रीम में ज़्यादा जगह नहीं मिलती थी, तब एकता ने कृष्णा कॉटेज और कल्ट फिल्म रागिनी एमएमएस जैसी फिल्मों को सपोर्ट किया और डर को कमर्शियल कहानी के साथ पेश किया।
3. रॉ गैंगस्टर और शहरी कहानियां
शूटआउट एट लोखंडवाला फ्रैंचाइज़ और शोर इन द सिटी के ज़रिए उन्होंने रियलिज़्म से जुड़ी, दमदार और मेल-ड्रिवन कहानियों पर अपनी मजबूत पकड़ दिखाई।
4. मास ऑडियंस से जुड़ने वाली कॉमेडी
ड्रीम गर्ल और ड्रीम गर्ल 2 में एकता की हाई-कॉन्सेप्ट और कैरेक्टर-ड्रिवन कॉमेडी की समझ दिखी, जिसने एक अनोखे आइडिया को सफल और दोहराए जा सकने वाले फ्रैंचाइज़ में बदल दिया।
5. कंटेंट-रिच और अवॉर्ड-विनिंग सिनेमा
द डर्टी पिक्चर, लुटेरा और उड़ता पंजाब जैसी फिल्मों ने दिखाया कि एकता बॉक्स ऑफिस के साथ-साथ मजबूत और साहसी कहानियों पर भी भरोसा करती हैं।
6. रोमांस और इमोशनल थ्रिलर
एक विलेन जैसी इंटेंस फिल्म से लेकर बड़े अच्छे लगते हैं जैसे इमोशनल टीवी शोज़ तक, एकता ने प्यार और टकराव को बखूबी संतुलित किया।
7. महिलाएं, दोस्ती और मॉडर्न सोच
वीरे दी वेडिंग और क्रू जैसी फिल्मों में उन्होंने महिलाओं की दोस्ती, सपनों और महत्वाकांक्षाओं को सामने रखा, जो नई पीढ़ी की महिलाओं से सीधे जुड़ी।
8. एक्सपेरिमेंटल सोशल सिनेमा
लव सेक्स और धोखा ने सोशल सिनेमा में नया रास्ता खोला। यह फिल्म आज के भारत में रिश्तों पर टेक्नोलॉजी के असर, निजता और भावनाओं के अंधेरे पहलुओं को दिखाती है।
