जोधपुर,। राजस्थान के जोधपुर जिले के पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान में आयोजित माहेश्वरी ग्लोबल कन्वेंशन और एक्सपो-2026 में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने जनसभा को संबोधित किया। इस मौके पर माहेश्वरी समाज के लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए केंद्रीय मंत्री शाह ने माहेश्वरी समाज के गौरवशाली इतिहास और राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान की प्रंशसा की। केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि माहेश्वरी समाज ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुगलकाल और अंग्रेजों के शासन के दौरान भी इस समाज ने देश और स्वतंत्रता के लिए योगदान दिया। स्वतंत्रता आंदोलन के समय महात्मा गांधी के अभियानों में माहेश्वरी समाज ने आर्थिक सहयोग प्रदान किया। आजादी के बाद उद्योग, व्यापार, मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी इस समाज ने उल्लेखनीय प्रगति की और देश के विकास को गति दी। उन्होंने कहा कि मारवाड़ के लोग दुनिया भर में फैले हुए हैं और माहेश्वरी समाज ने कारोबार एवं व्यापार के क्षेत्र में राजस्थान और भारत को वैश्विक पहचान दिलाई है। इसतरह के बड़े सामाजिक आयोजन और महाकुंभ जैसी सभाएं भारत को मजबूत बनाती हैं। जब समाज अपने गरीब और कमजोर वर्ग की जिम्मेदारी खुद उठाता है, तब देश आत्मनिर्भर बनता है। शाह ने कहा कि माहेश्वरी समाज ने कभी देश को विभाजित नहीं किया, बल्कि संगठन और शक्ति के माध्यम से समाज और राष्ट्र की सेवा की है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने समाज के योगदान के सम्मान में डाक टिकट भी जारी किया है। इस सम्मेलन में होने वाले बी2बी और बी2सी समझौते देश की अर्थव्यवस्था और उत्पादन क्षेत्र को मजबूती देगा। देश की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने का उल्लेख कर शाह ने युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम और देश की उपलब्धियों से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने 2047 तक भारत को विश्व में अग्रणी बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प की चर्चा की। ‘अमृत काल’ में आत्मनिर्भर भारत के लिए उत्पादन बढ़ाने, स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग और अपनी भाषा व संस्कृति को अपनाने को उन्होंने आवश्यक बताया।
अंत में अमित शाह ने माहेश्वरी समाज की सेवा भावना, संगठन क्षमता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रशंसा करते हुए सभी को निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
