नई दिल्ली, राजधानी के दिल्ली कैंट में शनिवार को राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के गणतंत्र दिवस कैंप-2026 की शुरुआत हो गई है। इस अवसर पर मीडिया को संबोधित करते हुए कोर के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने कहा कि में इस वर्ष हमारे एनसीसी के मासिक कैंप में कुल 2 हजार 406 युवा कैडेट भाग ले रहे हैं। जिनमें 127 जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से हैं। जबकि 131 उत्तर-पूर्वी क्षेत्र से हैं। इसके अलावा भारत के 25 मित्र देशों के कैडेट और अधिकारी यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम (वाईईपी) के तहत कैंप में भाग ले रहे हैं। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी कर यह जानकारी दी है। यहां बता दें कि एनसीसी के युवा कैडेटों की एक टुकड़ी 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर आयोजित किए गए जाने वाले गणतंत्र दिवस परेड समारोह में भी भाग लेगी। उन्होंने बताया एनसीसी के कैंप का कई वीवीआईपी दौरा करेंगे। 28 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवा कैडेटों को संबोधित करेंगे। जिसे पीएम रैली का नाम दिया गया है और इसी के साथ एनसीसी कैंप का औपचारिक रूप से समापन हो जाएगा। जबकि इससे पहले उप-राष्ट्रपति सी.पी.राधाकृष्णन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, सीडीएस जनरल अनिल चौहान, तीनों सशस्त्र सेनाओं के प्रमुख और रक्षा सचिव एनसीसी कैंप में भाग ले रहे युवा कैडेटों से मुखातिब होंगे। वहीं, मंत्रालय ने बताया कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस, 28 जनवरी को बीटिंग द रिट्रीट समारोह की फुल ड्रेस रिहर्सल और 29 जनवरी को बीटिंग द रिट्रीट के मुख्य समारोह के लिए टिकटों का वितरण 5 जनवरी 2026 से शुरू होगा। लेफ्टिनेंट जनरल वत्स ने कोर की 77 वर्षीय सफल राष्ट्र सेवा के लिए कैडेटों को बधाई दी और कहा कि वर्तमान समय में एनसीसी की उपस्थिति देशभर में बढ़ी है। आंकड़ों के हिसाब से कोर ने भारत के 90 फीसदी से अधिक जिलों को कवर किया है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि 7 से 10 मई 2025 तक पश्चिमी-सीमा पर पाकिस्तान के साथ चले सैन्य संघर्ष ऑपरेशन सिंदूर के दौरान स्थानीय स्तर पर प्रशासन को सहयोग प्रदान करने के लिए एनसीसी के 75 हजार कैडेटों ने अहम भूमिका निभाई थी। इन सभी ने स्थानीय प्रशासन को मदद प्रदान करने जैसे मेडिकल सहायता और स्वैच्छिक रक्तदान जैसी गतिविधियां की थीं। उन्होंने युवाओं को गणतंत्र दिवस कैंप का महत्व समझाते हुए कहा कि यह कैंप एक ऐसा माध्यम या मंच है, जिसके जरिए हम कैडेटों को देश की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं से रूबरू कराते हैं। नई दिल्ली में संविधान लागू होने के मुख्य पर्व के पूर्व में महीने भर की अवधि के दौरान कई महत्वपूर्ण गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। लेफ्टिनेंट जनरल वत्स ने बताया कि आज एनसीसी की इकाइयां देश के 90 फीसदी से अधिक जिलों में फैल चुकी हैं।
