20 से कम कर्मचारियों वाले दुकानों और प्रतिष्ठानों में अनावश्यक जाँच पर रोक, सरकार की अनुमति होगी जरूरी
उज्जैन । मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नववर्ष 2026 के शुभ अवसर पर प्रदेश के छोटे दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों को बड़ी राहत देते हुए व्यापार को सरल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद मध्यप्रदेश शासन के श्रम विभाग द्वारा मध्य प्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1958 में अहम संशोधन किया गया है।
संशोधन के अनुसार अब ऐसे सभी दुकान और प्रतिष्ठान, जिनमें 20 से कम कर्मचारी काम करते हैं, वहाँ श्रम निरीक्षक केवल राज्य सरकार की पहले से अनुमति मिलने के बाद ही जाँच कर सकेंगे। इस फैसले से बिना वजह, बार-बार और अनावश्यक रूप से होने वाली जाँच पर रोक लगेगी और छोटे व्यापारियों को प्रशासनिक दबाव और परेशानियों से राहत मिलेगी।
श्रम विभाग के अपर सचिव श्री बसंत कुर्रे ने बताया कि सरकार के इस निर्णय से छोटे दुकानदारों और उद्यमियों में स्वेच्छा से नियम पालन करने की भावना मजबूत होगी। साथ ही इससे समय, संसाधन और पैसों की बचत के साथ प्रदेश में रोजगार बढ़ाने और व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए सकारात्मक माहौल तैयार होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लगातार छोटे व्यापारियों के प्रति संवेदनशील और सहयोगी नीति के साथ काम कर रही है। सरकार का मानना है कि छोटे व्यवसाय प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं और इनके संरक्षण व विकास से प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने में बड़ी मदद मिलेगी।
श्रम विभाग ने प्रदेश के सभी व्यापार संगठनों, दुकानदारों और उद्यमियों से अपील की है कि वे श्रम कानूनों और नियमों का स्वेच्छा से पालन करें और सरकार के इस विश्वास आधारित सुधार का लाभ लेकर अपने व्यवसाय को और आगे बढ़ाएँ।
प्रमुख बिंदु
20 से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों में बिना अनुमति जाँच नहीं होगी,जाँच से पहले राज्य सरकार की अनुमति जरूरी,अनावश्यक जाँच पर रोक,छोटे व्यापारियों को प्रशासनिक राहत,रोजगार और व्यापार विस्तार को मिलेगा बढ़ावा