हम जो कहते हैं, करके भी दिखाते हैं – मुख्यमंत्री डॉ. यादव
Spread the loveमुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा एवं पीएम...
Spread the loveमुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा एवं पीएम...
Spread the love नई दिल्ली, 26 सितंबर ।भारतीय...
Spread the love– मुख्यमंत्री ने हिंदू इकोनॉमिक फोरम...
TOIFA 2025 में जब विनर्स का नाम घोषित करने का समय आया, तो जिन नामों ने सबका ध्यान खींचा उनमें से एक था जुनैद खान का नाम। उन्हें उनकी खूब सराही गई फिल्म महाराज में निभाए गए रोल के लिए OTT वेब फिल्म डेब्यू एक्टर ऑफ द ईयर का अवॉर्ड दिया गया।
महाराज जुनैद खान के लिए एक खास फिल्म थी। जहां बड़े फिल्म परिवारों से आने वाले ज्यादातर नए एक्टर्स रोमांटिक–कॉमेडी या फिर कोई जोरदार ऐक्शन फिल्म से सुरक्षित तरीके से डेब्यू चुनते हैं, वहीं जुनैद ने बिल्कुल अलग और बिना किसी शर्त वाला रास्ता चुना। उन्होंने महाराज (2024) जैसी पीरियड ड्रामा में समाज सुधारक कर्सनदास मुलजी का किरदार निभाया, एक ऐसी फिल्म जो 1862 के महाराज लीबल केस और एक पुजारी द्वारा धर्म के नाम पर महिलाओं का शोषण करने जैसे गंभीर मुद्दे पर खुलकर बात करती है। इस साहसी फैसले ने उन्हें बाकी एक्टर्स से तुरंत अलग कर दिया, और साफ दिखा दिया कि उनके लिए मायने रखता है मजबूत कहानी कहना, सिर्फ स्टार बनना नहीं।
खान ने जिस तरह आगे की सोच रखने वाले कर्सनदास मुलजी का किरदार निभाया, जो अंधविश्वास और शोषण के खिलाफ लगातार लड़ते हैं, उसे आलोचकों और दर्शकों दोनों ने एक जैसी तारीफ दी। रिव्यूज़ में कहा गया कि वह स्क्रीन पर ताज़गी लेकर आते हैं और हर सीन में मजबूती से खड़े नज़र आते हैं, खासकर कोर्टरूम वाले दमदार दृश्यों में उनकी पकड़ और यकीन बहुत तारीफ के काबिल है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत किसी आम कमर्शियल फिल्म से नहीं बल्कि एक मुश्किल और सामाजिक मुद्दे वाली कहानी से की, जो साफ दिखाता है कि उनका ध्यान सच में अपने काम और कला पर है।
सिर्फ अच्छी एक्टिंग ही नहीं, महाराज ने जुनैद की सोच भी दिखा दी यानी ग्लैमर के पीछे भागने के बजाय समाज से जुड़ी कहानियाँ चुनने की हिम्मत, लोगों में बात छेड़ने की चाह, सिर्फ मनोरंजन भर नहीं। जैसा उन्होंने खुद कहा, यह फिल्म बनाने का सफर “लंबा और चुनौतीभरा” था, लेकिन वह शुक्रगुजार हैं कि इसमें डाली गई मेहनत, जुनून और इज्जत दर्शकों के दिल तक पहुँच गई।
इंडस्ट्री में अब आगे क्या आने वाला है, इसे लेकर पहले से ही उत्सुकता है। एक मुश्किल ऐतिहासिक ड्रामा में अपना दम साबित करने के बाद अब सबकी निगाहें उनकी अगली फिल्म पर हैं। महाराज जैसी हिम्मतभरी शुरुआत ने उन्हें एक ऐसे नए कलाकार के तौर पर खड़ा कर दिया है, जिस पर सबकी नज़र रहेगी, एक ऐसा टैलेंट जो अपनी राह खुद बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
