तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदला जा रहा, किसी तरह का भ्रम न रखें : मुख्यमंत्री साय
Spread the love00 प्रदेश के 38 स्थानों पर...
Spread the love00 प्रदेश के 38 स्थानों पर...
Spread the loveकटघोरा। छत्तीसगढ़ रेल कॉरिडोर के तहत...
Spread the loveमुंबई/गोवा।Nana Patekar Passes Away: बॉलीवुड से...
रायगढ़ , 19 अक्टूबर ।छत्तीसगढ़ के धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत तेन्दुमुड़ी में शनिवार को आयोजित पेशा कानून के तहत विशेष ग्राम सभा में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से मेसर्स अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड, पुरुंगा (अडानी ग्रुप) की प्रस्तावित भूमिगत कोयला खदान परियोजना के विरोध में प्रस्ताव पारित करते हुए आगामी 11 नवंबर को निर्धारित पर्यावरणीय जनसुनवाई को निरस्त करने का निर्णय लिया।
ग्राम सभा से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कंपनी द्वारा 869.025 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 2.25 मिलियन टन प्रति वर्ष की उत्पादन क्षमता वाली भूमिगत कोयला खदान का प्रस्ताव दिया गया है। प्रस्तावित क्षेत्र में 621.331 हेक्टेयर वन भूमि, 26.898 हेक्टेयर गैर-वन भूमि, एवं 220.796 हेक्टेयर निजी भूमि शामिल है। यह खदान ग्राम पंचायत तेन्दुमुड़ी, पुरुंगा और साम्हरसिंघा के क्षेत्र को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करेगी।
ग्रामवासियों ने अपने प्रस्ताव में कहा कि वन अधिकार अधिनियम 2006 के अंतर्गत ग्राम के निजी दावे अभी लंबित हैं, ऐसे में बिना स्वीकृति किसी भी परियोजना की कार्यवाही गैरकानूनी है।क्षेत्र पेशा कानून के अंतर्गत आता है, और ग्राम सभा ने इस परियोजना को स्वीकृति नहीं दी है।
यह क्षेत्र पाँचवीं अनुसूची में शामिल है तथा छत्तीसगढ़ पेशा अधिनियम 2022 के तहत संरक्षित है।
प्रस्तावित खनन क्षेत्र में कोकदार आरक्षित वन क्षेत्र आता है, जो अत्यंत घना जंगल है और हाथियों का प्राकृतिक आवास है।ग्रामवासियों ने चिंता व्यक्त की कि भूमिगत खनन से विशाल गड्ढों में जल भराव होगा, जिससे आस-पास के नदी-नालों के जल स्रोत सूख सकते हैं, और जैव विविधता पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।धरमजयगढ़ वनमंडल में अब तक 167 ग्रामीणों की मृत्यु हाथियों के हमलों में और 68 हाथियों की मौत दर्ज की जा चुकी है। वहीं छाल रेंज में 54 ग्रामीणों और 31 हाथियों की मौत हुई है। ऐसे में ग्रामीणों ने चेताया कि खनन शुरू होने से जंगली हाथियों के विचरण क्षेत्र में बाधा, ध्वनि और वायु प्रदूषण, तथा ग्रामवासियों की जान-माल को खतरा बढ़ जाएगा।
पेशा कानून की मान्यता को ध्यान में रखते हुए ग्राम तेन्दुमुड़ी, मेसर्स अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित पुरुंगा भूमिगत कोयला खदान (869.025 हेक्टेयर एवं 2.25मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता) परियोजना का विरोध करती है और इस परियोजना से संबंधित 11 नवंबर 2025 की पर्यावरणीय जनसुनवाई को निरस्त करती है
ग्राम सभा ने प्रशासन एवं कंपनी को चेतावनी दी कि ग्राम क्षेत्र में खनन के समर्थन में किसी भी प्रकार की गतिविधि करना सख्त रूप से प्रतिबंधित रहेगा।अब देखना यह होगा कि पेशा कानून के तहत पारित इस विशेष ग्राम सभा के निर्णय के बाद प्रशासन जनसुनवाई को निरस्त करता है या विरोध के बीच सुनवाई आयोजित करता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
