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तीनों रक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी प्रतिभागियों के रूप में लगाई दौड़
नई दिल्ली, 12 अक्टूबर । राजधानी के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में रविवार सुबह 40 हजार से ज्यादा धावक वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन के 20वें संस्करण का जश्न मनाने के लिए एकत्रित हुए। हर वर्ग के प्रतिभागी, चाहे वो पेशेवर, छात्र, सैनिक हों या वरिष्ठ नागरिक ही क्यों ना हों- आयोजन स्थल पर उमड़ पड़े। शहर की सड़कें रंगों और सौहार्द के एक जीवंत कैनवास में बदल गईं।
इस वर्ष के आयोजन में एक बार फिर ग्रेट दिल्ली रन, चैंपियंस विद डिसेबिलिटी रन और सीनियर सिटीजन रन जैसी श्रेणियों के माध्यम से समावेशिता और विविधता का जश्न मनाया गया। इस प्रतियोगिता को दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान सहित कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में हरी झंडी दिखाई गई। साथ ही थलसेना, नौसेना और वायु सेना के शीर्ष अधिकारी भी मौजूद थे।
दिल्ली हाफ मैराथन में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी शामिल हुईं। उन्होंने कहा, “दिल्ली में यह एक खूबसूरत, ऊर्जा से भरपूर सुबह थी, जिसमें 40 हजार से अधिक धावक और 10 हजार महिलाओं ने भाग लिया। यह सुबह वास्तव में शहर और इसके लोगों की थी।” उन्होंने कहा, ”जब 140 करोड़ भारतीय फिटनेस के लिए एक साथ आते हैं, तो कोई भी बाधा हमें रोक नहीं सकती और कोई भी हमें रोक नहीं सकता।”
पहली बार तीनों रक्षा बलों ने वरिष्ठ अधिकारियों को प्रतिभागियों के रूप में मैदान में उतारा, जिनका नेतृत्व एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर. सिंह और वाइस एडमिरल एलएस पठानिया कर रहे थे। जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी हाफ मैराथन में भाग लिया। साथ ही उनके बेटों ने 10 किलोमीटर की रेस में भाग लिया।
अंतरराष्ट्रीय इवेंट एम्बेसडर ओलंपिक के दिग्गज कार्ल लुईस ने किनारे से ही उत्साहवर्धन किया। उनके साथ ओलंपिक कांस्य पदक विजेता और प्यूमा एम्बेसडर सरबजोत सिंह और राष्ट्रमंडल खेलों के पदक विजेता तेजस्विन शंकर भी शामिल हुए। इस सबने इवेंट में स्टार पावर का तड़का लगाया।
अंतरराष्ट्रीय इवेंट एम्बेसडर कार्ल लुईस ने कहा, “एक धावक होने के नाते, मैं हमेशा इस बात से दंग रह जाता हूं कि ये एथलीट इतनी देर तक इतनी तेजी से कैसे दौड़ सकते हैं। यह अविश्वसनीय है। आज के पुरुष और महिला कैटेगरी के धावक अद्भुत थे। अब मैराथन में भी महिलायें खुलकर हिस्सा ले रही हैं। यह दर्शाता है कि खेल कितनी दूर तक आ गया है।”
केन्याई लोगों ने एक बार फिर एलीट वर्ग में अपना दबदबा कायम किया। एलेक्स मटाटा ने पुरुषों की रेस 59:50 मिनट में जीती, जबकि लिलियन कासैट रेंगरुक ने 1:07:20 घंटे के समय के साथ महिलाओं का ताज अपने नाम किया।
भारतीयों में अभिषेक पाल ने 1:04:17 घंटे में अपना तीसरा खिताब जीता। इसी तरह सीमा ने महिलाओं की रेस में 1:11:23 घंटे का समय लेकर जीत हासिल की।
पर्दे के पीछे काम कर रहे 200 वॉलंटियर्स, 400 हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स, दिल्ली पुलिस, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) और एनडीएमसी द्वारा सहायता प्रदान की गई जिस कारण यह आयोजन बिना रुकावट के हो सका। साथ ही दिल्ली सरकार ने आधिकारिक भागीदार के रूप में पूर्ण लोजिस्टिक्स हेल्प प्रदान की।
