छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल की मुख्य/अवसर परीक्षा नवम्बर 2026 की समय-सारिणी जारी
Spread the love00 हाईस्कूल परीक्षा 23 नवम्बर से...
Spread the love00 हाईस्कूल परीक्षा 23 नवम्बर से...
Spread the loveअंतिम व्यक्ति का उत्थान और सर्वसमावेशी...
Spread the loveकवर्धा-बेमेतरा मार्ग पर पशुओं को देख...
कोरबा, 05 अक्टूबर । भारत सरकार द्वारा संसदीय समिति “कोयला और इस्पात का पुनर्गठन किया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ के कोरबा लोकसभा क्षेत्र से दूसरी बार निर्वाचित कांग्रेस सांसद डॉ. ज्योत्सना चरणदास महंत को समिति की सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति न केवल कोरबा बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है।
संसदीय समितियों का गठन लोकसभा अध्यक्ष द्वारा किया जाता है, जो मंत्रालयों के कार्यों की गहराई से समीक्षा कर नीतिगत सुझाव प्रस्तुत करती हैं। कोयला और इस्पात समिति देश के ऊर्जा, खनन और इस्पात उद्योग से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण स्थायी समितियों में से एक है। यह समिति कोयला मंत्रालय और इस्पात मंत्रालय से संबंधित नीतियों, योजनाओं और उनके क्रियान्वयन की निगरानी करती है, साथ ही संसाधनों के कुशल दोहन, पर्यावरणीय संरक्षण तथा श्रमिक हितों से जुड़े विषयों पर भी सरकार को सुझाव देती है।
डॉ. महंत की नियुक्ति को लेकर कोरबा सहित पूरे प्रदेश में हर्ष की लहर है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने इसे कोरबा क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया है। कोरबा देश का ऊर्जा केंद्र कहा जाता है, जहाँ एसईसीएल जैसी कोयला कंपनी और कई प्रमुख तापविद्युत परियोजनाएँ संचालित हैं। ऐसे में डॉ. महंत का इस समिति में सदस्य बनना कोरबा क्षेत्र की समस्याओं और अपेक्षाओं को राष्ट्रीय मंच पर मजबूती से उठाने का अवसर प्रदान करेगा।
इस अवसर पर डॉ. ज्योत्सना चरणदास महंत ने कहा कि— “यह दायित्व मेरे लिए सम्मान के साथ-साथ जिम्मेदारी का विषय है। मैं कोरबा और पूरे छत्तीसगढ़ के कोयला मजदूरों, खनन प्रभावित परिवारों और उद्योग क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों को संसद में मजबूती से रखूंगी।”
उनकी इस नियुक्ति से उम्मीद की जा रही है कि कोयला व इस्पात क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के हितों को नई दिशा और प्रोत्साहन मिलेगा।
