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नवरात्रि के छठे दिन माँ जगदंबा का भव्य श्रृंगार, छप्पन भोग और गरबा महोत्सव का आयोजन।
इंदौर, 29/09/2025— नवरात्रि की भक्ति लहर में डूबे इंदौर वासियों ने छठे दिन श्रीरामकृष्ण बाग कॉलोनी स्थित श्री माँ जागृत जगदंबा मंदिर में विशेष श्रृंगार और धार्मिक कार्यक्रमों का आनंद लिया। इस अवसर पर मंदिर समिति और कॉलोनीवासियों की उपस्थिति में सुनील मालवीय जी द्वारा माँ जगदंबा को अर्पित छप्पन भोग का आयोजन किया गया, जो इस वर्ष का प्रमुख आकर्षण रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंदिर के मुख्य पुजारी श्री मंगल प्रसाद दुबे जी के आशीर्वचनों के साथ हुआ। उन्होंने कहा— “माँ को अर्पित छप्पन भोग केवल भोजन नहीं, बल्कि भक्तों की निष्ठा और प्रेम का प्रतीक है। यह आयोजन समाज में भक्ति और सकारात्मकता का संचार करता है।”
सुनील मालवीय जी ने भावुक स्वर में कहा— “माँ जगदंबा की कृपा से यह छप्पन भोग का अवसर हमें मिला। मेरा उद्देश्य यही है कि समाज के हर वर्ग के लोग यहाँ आकर माँ की कृपा का अनुभव करें और एकता के सूत्र में बंधें।”
मंदिर समिति के वरिष्ठ सदस्य प्रदीप पाटील ने कहा— “नवरात्रि केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की धरोहर है। इस तरह के आयोजन हमारी आने वाली पीढ़ियों को परंपरा से जोड़ते हैं।”
वहीं राहुल सोलंकी ने कहा— “गरबा और महाआरती जैसे कार्यक्रम सामाजिक एकता और सांस्कृतिक उत्सव का प्रतीक हैं। इसमें बच्चों और युवाओं का उत्साह वास्तव में प्रेरणादायक है।”
विशेष श्रृंगार और छप्पन भोग के बाद भव्य महाआरती एवं महाप्रसादी वितरण हुआ। इसके उपरांत गरबा पंडाल में नन्हीं बालिकाओं और युवतियों ने आकर्षक प्रस्तुतियाँ दीं, जिनसे पूरा वातावरण भक्तिमय और उल्लासपूर्ण हो उठा।
आगामी नवमी का आयोजन
मंदिर समिति ने घोषणा की कि नवरात्रि की नवमी तिथि पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्रभर से आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरण किया जाएगा।
सक्रिय योगदान
इस अवसर पर समिति और कॉलोनी के अन्य सदस्य — रोहित तिलवे, राजा कनाडे, राहुल पाटिल, जय विश्वकर्मा, रामनारायण सोलंकी, संतोष चौहान, देवकरण यादव, सुमेर सोलंकी, मयाराम हिरवे, ओमप्रकाश विश्वकर्मा, रज्जू वर्मा, ज्ञान देव पोडधन, गोपाल सनस, संतोष वर्मा, पीयूष मरमट, कमलेश शर्मा, विनोद सिकरवार, राजेश दुबे, रोहित सदाफले, मोहित शर्मा, गोलु दुबे, संजू काले, जैन साहब, मुकेश सोलंकी, सहित अनेक सहयोगी एवं कार्यकर्ता उप
स्थित रहे।
