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नई दिल्ली, 28 सितंबर । दिल्ली पुलिस ने चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी को देर रात आगरा से गिरफ्तार किया है। उस पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग छात्रवृत्ति के तहत पीजीडीएम पाठ्यक्रम कर रही छात्राओं से यौन उत्पीड़न का आरोप है।
दक्षिण पश्चिम जिले के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने रविवार को बताया कि दिल्ली पुलिस ने देर रात स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को आगरा के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया। टीम आगरा से दिल्ली के लिए रवाना हो गई है और आज दिन में स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को अदालत में पेश करेगी।
उल्लेखनीय है कि चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी पर छात्राओं के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न का आरोप है।इस मामले में फरार चल रहे स्वामी के ट्रस्ट से संबंधित 18 बैंक अकाउंट और 28 फिक्स डिपॉजिट एकाउंट को पुलिस ने फ्रीज करवा दिया। इनमें करीब आठ करोड़ रुपये थे। आरोपित के डेबिट और क्रेडिट कार्ड भी बंद करवा दिए गए।
दरअसल, दिल्ली के वसंत कुंज स्थित एक आश्रम के शाखा के निदेशक पर 15 से अधिक छात्राओं द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद कथित छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार, 4 अगस्त को वसंत कुंज उत्तर पुलिस स्टेशन में स्वामी के खिलाफ संस्थान के एक प्रशासक से शिकायत मिली थी, जिसमें संस्थान में ईडब्ल्यूएस छात्रवृत्ति योजना के तहत पीजीडीएम पाठ्यक्रम करने वाली छात्राओं का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया था।
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान 32 छात्राओं के बयान दर्ज किए गए, जिनमें से 17 ने आरोपितों द्वारा अपमानजनक भाषा, अश्लील व्हाट्सएप/एसएमएस संदेश और अवांछित शारीरिक संपर्क का आरोप लगाया। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि संकाय/प्रशासक के रूप में कार्यरत महिलाओं ने उन्हें आरोपितों की मांगों को पूरा करने के लिए उकसाया और दबाव डाला।
