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रायगढ़, 17 सितंबर । जिले में आदिवासी परिवारों के सर्वांगीण विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आदि कर्मयोगी अभियान का क्रियान्वयन तेजी से आगे बढ़ रहा है। शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में इस अभियान के अंतर्गत जिले के 316 ग्रामों के 63,064 आदिवासी परिवारों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए राज्य से लेकर ब्लॉकस्तर तक सघन प्रशिक्षण और जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया।
अभियान की शुरुआत 11 से 14 अगस्त तक रायपुर में आयोजित स्टेट प्रोसेस लैब से हुई, जिसमें जिले से सात मास्टर ट्रेनर्स ने भाग लिया। इसके बाद 18 अगस्त को जिलास्तरीय ओरिएंटेशन कलेक्ट्रेट सभाकक्ष रायगढ़ में संपन्न हुआ। 04 से 06 सितम्बर 2025 तक जिलास्तरीय प्रोसेस लैब का आयोजन ईडेन गार्डन रायगढ़ में हुआ, जिसमें सात विकासखंडों के 83 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान सभी प्रतिभागियों द्वारा आदि कर्मयोगी के रूप में शपथ ली गई। इसके उपरांत 08 और 09 सितम्बर को ब्लॉक मुख्यालयों में ब्लॉक स्तरीय ओरिएंटेशन तथा 09 से 15 सितम्बर तक ब्लॉक प्रोसेस लैब आयोजित की गई। इस दौरान जिले के 316 ग्रामों से चुने गए 1,534 आदि सहयोगियों को प्रशिक्षित कर शपथ दिलाई गई।
आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त श्रीकांत दुबे ने बुधवार काे बताया कि अभियान के तहत प्रत्येक ग्राम में 30 सितम्बर तक ग्राम स्तरीय कार्यशालाओं का आयोजन होगा, जिसमें ग्राम कार्ययोजना तैयार की जाएगी। यह कार्य विजन आदि सहयोगियों एवं आदि साथी तथा एनजीओ के सहयोग से तैयार किया जाएगा। अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिले में 316 सेवा केंद्र चिह्नांकित किए गए हैं, जहां स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा मैपिंग का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। साथ ही, ग्राम मिशन टीम का गठन कर प्रत्येक ग्राम में पांच आदि सहयोगी एवं 20-25 साथी नियुक्त किए गए हैं। जनजागरूकता के लिए नुक्कड़ नाटक, दीवार लेखन और प्रचार सामग्री के माध्यम से संदेश घर-घर पहुँचाया जा रहा है। वहीं चयनित विजन मॉडल ग्रामों में विशेष गतिविधियाँ आयोजित कर अभियान को गति दी जा रही है।
आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि 02 अक्टूबर 2025 को गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित विशेष ग्राम सभा में प्रत्येक ग्राम में तैयार किये गए विलेज एक्शन प्लान पर चर्चा एवं अनुमोदन की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही विशेष ग्राम सभा मे मुख्यमंत्री द्वारा आदि कर्मयोगी अभियान पर प्रेषित की जाने वाली पाती का वाचन किया जाएगा। इसके साथ ही आदि साथी व आदि सहयोगी एवं ग्राम सभा के सभी सदस्यों एवं अन्य सहभागियों को अपने ग्राम को विकसित करने हेतु शपथ दिलाई जाएगी। अभियान का उद्देश्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन ही नहीं, बल्कि आदिवासी परिवारों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर, जागरूक और विकासोन्मुख बनाना है।
