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रायपुर, 20 अगस्त। मुख्यमंत्री के मंत्रिमंडल का विस्तार बुधवार को हो गया, लेकिन 14 मंत्रियों की नियुक्ति ने छत्तीसगढ़ की राजनीतिक में हलचल पैदा कर दी है। दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे कानून के उल्लंघन का मामला बताया है और सवाल उठाया है कि क्या सरकार को इतनी बड़ी मंत्रिपरिषद बनाने की अनुमति मिली थी। इसको लेकर भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेवद साय से जवाब भी मांगा है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने साय सरकार में 14 मंत्रियों की संख्या पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2003 में बने कानून के अनुसार विधानसभा सदस्यों की संख्या में 15 प्रतिशत तक ही मंत्री बन सकते हैं। जब 2018 में कांग्रेस की सरकार बनी थी, तो मैंने भारत सरकार को पत्र लिखा था। छत्तीसगढ़ में मंत्रियों की संख्या 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने की मांग की गई थी। इसके पीछे छत्तीसगढ़ का भौगोलिक रूप से बड़ा होना और विधानसभा परिषद न होने का तर्क दिया था। लेकिन पत्र का कोई जवाब नहीं आया और न ही अनुमति मिली। ऐसे में अब सवाल उठ रहा साय सरकार को अनुमति कब मिली? बिना अनुमति अगर 14 मंत्री बनाए गए तो यह अवैधानिक है। मुख्यमंत्री को इसका जवाब देना चाहिए।
