देश में 22 लाख करोड़ रुपये के पेट्रोल-डीजल और गैस आयात को कम करना हमारा मिशनः नितिन गडकरी
Spread the love– केंद्रीय मंत्री गडकरी और मुख्यमंत्री...
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नई दिल्ली,(माधव एक्सप्रेस)। संसद के मानसून सत्र के 18वें दिन सोमवार को दोनों सदनों की कार्यवाही विपक्ष के जोरदार विरोध और हंगामे के बीच स्थगित हो गई। राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। इससे पहले उपसभापति ने नियम 267 के तहत आई सभी 19 नोटिस खारिज कर दिए, जिसके बाद विपक्ष ने जोरदार विरोध जताया और सदन में शोर-शराबा बढ़ गया। इसी तरह लोकसभा में भी कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों के हंगामे के कारण प्रश्नकाल बाधित हुआ और सदन को दोपहर तक के लिए स्थगित करना पड़ा। विपक्ष के विरोध के चलते लगातार संसद का मानसून सत्र लगभग ठप रहा है। ऐसे में सोमवार को सरकार ने लोकसभा के एजेंडे में दो महत्वपूर्ण विषय सूचीबद्ध किए हैं, जिनमें भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री का अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर मिशन और विकसित भारत 2047 के लिए अंतरिक्ष कार्यक्रम की भूमिका पर विशेष चर्चा। और जन विश्वास (संशोधन) विधेयक, 2025, जिसे केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल सदन में पेश करेंगे। इस विधेयक का उद्देश्य छोटे-मोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करना है। गौरतलब है कि मानसून सत्र की कार्यवाही इससे पहले 12 अगस्त को करीब एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दी गई थी। अब दोबारा शुरू हुई कार्यवाही के पहले ही दिन विपक्ष और सरकार के बीच टकराव देखने को मिला।
