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किश्तवाड़। (माधव एक्सप्रेस) जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में गुरुवार को मचैल माता यात्रा के रास्ते में सुदूर गांव चसोती में बादल फटने से कम से कम 10 लोगों के मारे जाने की आशंका है। घटना के बाद मंदिर की वार्षिक यात्रा स्थगित कर दी गई है और अधिकारी सभी संसाधन जुटाकर बड़े पैमाने पर बचाव और राहत अभियान चलाने के लिए घटनास्थल की ओर रवाना हो गए हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने घटना में हुई जानमाल के नुकसान पर शोक व्यक्त किया है। जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ के पड्डर के चसोती गांव में भारी बादल फटने की खबर है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार मंदिर जाने वाले रास्ते में आखिरी यातायात योग्य प्रभावित क्षेत्र में 200 से 300 लोगों के फंसे होने की आशंका है। अधिकारियों ने बताया कि किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नरेश सिंह भी बचाव अभियान की निगरानी के लिए बादल फटने वाले इलाके में जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पाडर के उप-मंडल मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में अधिकारियों की एक टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है और अब तक बादल फटने से 10 लोगों के मरने की आशंका है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि किश्तवाड़ जिले के चसोती गांव में बादल फटने की घटना से व्यथित हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। सिविल, पुलिस, सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ अधिकारियों को बचाव एवं राहत कार्यों को और तेज़ करने और प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया गया है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि चसोती इलाके में बड़े पैमाने पर बादल फटा है, जिससे बड़ी संख्या में लोगों की जान जा सकती है। प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है और बचाव दल घटनास्थल के लिए रवाना हो गया है। उन्होंने इस मामले पर किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा से बात की।
