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रायपुर 13 अगस्त । केंद्रीय खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग, भारत सरकार द्वारा आयोजित द्वितीय राज्य स्तरीय अन्न-खरीद सुधार कार्यशाला का आज बुधवार काे छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रमुख अन्न-खरीद करने वाले राज्यों में अन्न-खरीद प्रक्रिया में दक्षता, पारदर्शिता और डिजिटल एकीकरण को मजबूत करना है।
कार्यशाला की अध्यक्षता भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक आशुतोष अग्निहोत्री ने की, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, जिनमें संयुक्त सचिव (नीति एवं भारतीय खाद्य निगम), केंद्रीय खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के प्रतिनिधि, कृषि और किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार के अधिकारी और छत्तीसगढ़ सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव शामिल थे।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को प्रमुख अन्न-खरीद नीतियों और डिजिटल प्लेटफार्मों जैसे कि प्रोकेयोरमेंट सेंटर सेल्फ-एसेसमेंट पोर्टल (पीसीएसएपी ), अनपिसा चावल का संयुक्त भौतिक सत्यापन (जेपीवी), केंद्रीय अन्न-खरीद पोर्टल (सीएफपीपी ), केंद्रीय अन्न भंडारण पोर्टल (सीएफएसपी), एग्री-स्टैक, 10% टूटे चावल तंत्र, खरीद एवं भंडारण नीति के लिए मार्ग अनुकूलन और स्कैन मॉड्यूल से परिचित कराया गया। एग्री-स्टैक पर एक विशेष सत्र में इसके संभावित लाभों को रेखांकित किया गया, जो अन्न-खरीद प्रक्रिया को सुगम बनाने और डेटा सत्यापन को मजबूत करने में सहायक है।
इससे पहले यह कार्यशाला 7 अगस्त 2025 को चेन्नई, तमिलनाडु में आयोजित उद्घाटन सत्र के बाद आयोजित की गई थी। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएँ संचालन प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने, जवाबदेही सुनिश्चित करने और अन्न-खरीद प्रणाली में डिजिटल तकनीक को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
