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2000 आंगनबाड़ी केंद्र होंगे ‘सक्षम’ आंगनबाड़ी केंद्रों में अपग्रेड
चंडीगढ़,(माधव एक्सप्रेस)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ‘लखपति दीदी’ योजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ा रही है। उन्होंने अधिकारियों को मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के अंतर्गत विशेष शिविर आयोजित कर महिला लाभार्थियों को स्वरोजगार के लिए बैंक ऋण की सुविधा सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री गुरुवार को यहां संकल्प पत्र की प्रगति को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार भी उपस्थित रहे। आज की बैठक में चार विभागों- विकास एवं पंचायत, ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभागों के संकल्पों की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सरकार जनता से किए गए वायदों के प्रति पूरी तरह गंभीर है और सभी संकल्प समयबद्ध तरीके से लागू किए जाएं ताकि जनता को वास्तविक लाभ मिल सके। बैठक में बताया गया कि अब तक ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत राज्य में 1 लाख 6 हजार से अधिक महिलाएं लखपति-दीदी बन चुकी हैं। चालू वित्त वर्ष में 25 हजार से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाने की प्रक्रिया चल रही है।
बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि हरियाणा में कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवास प्रदान करने के उद्देश्य से सरकार की हर जिले में महिला छात्रावास स्थापित करने की योजना है। पहले चरण में चार जिलों- पंचकूला, फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोनीपत में महिला छात्रावास का निर्माण प्रक्रियाधीन है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन महिला छात्रावासों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जाए और इन भवनों में वातानुकूलित सुविधा भी प्रदान की जाए। साथ ही, अगले चरण में मानेसर व पानीपत जैसे इंडस्ट्रीयल एरिया को प्राथमिकता देते हुए वहां महिला छात्रावास स्थापित किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने ‘सक्षम आंगनवाड़ी’ योजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्ष 2025-26 में 2000 आंगनबाड़ियाें को सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में अपग्रेड किया जाए और इनमें सभी आवश्यक सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने विभिन्न अनुसूचित जातियों के लिए बनाए जाने वाले सामुदायिक भवनों को लेकर निर्देश दिए कि इन भवनों को सौर ऊर्जा और वातानुकूलन जैसी आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जाए।
