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रायपुर(माधवएक्सप्रेस)। राजधानी रायपुर में अवैध कॉलोनाइजिंग थमने का नाम नहीं ले रही है। बोरियाखुर्द क्षेत्र में कृषि भूमि पर बिना भवन अनुज्ञा के बनाए गए 16 अवैध मकानों को नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस बल की मौजूदगी में ढहा दिया गया। कार्रवाई से अवैध प्लॉटिंग में लिप्त बिल्डरों और कॉलोनाइजर्स में हड़कंप मच गया है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, संबंधित कॉलोनाइजर को तीन बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन जवाब नहीं मिला। चेतावनी के बावजूद मकान बनाकर बेचने की तैयारी की जा रही थी। सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और निर्माण को ध्वस्त कर दिया। तीन अन्य इलाकों में भी तोड़फोड़: विंध्य नगर (अनुग्रह सोसायटी के पीछे): लगभग 3 एकड़ भूमि पर अज्ञात कॉलोनाइजरों द्वारा प्लॉटिंग की जा रही थी। जेसीबी से पूरी संरचना गिरा दी गई। भूमि स्वामी की जानकारी जुटाई जा रही है, जल्द एफआईआर होगी। जगदंबा विहार, कांदुल रोड: करीब 10 एकड़ कृषि भूमि पर बनाई गई बाउंड्रीवाल को हटाया गया। दुर्गा विहार, डूंडा: 6 एकड़ में की गई प्लॉटिंग और कच्ची सड़कों को तोड़ा गया। सूत्रों के मुताबिक, वालफोर्ट ग्रुप से जुड़े पंकज लाहोटी, महेश धनगर, योगेन्द्र वर्मा और एक अन्य बिल्डर देवांगन द्वारा लगभग 25 एकड़ कृषि भूमि पर बिना डायवर्सन, नक्शा या कॉलोनाइजर लाइसेंस के निर्माण किया जा रहा था। साइट को सील कर दिया गया है। नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि कोई भी मकान या प्लॉट खरीदने से पहले नजदीकी जोन कार्यालय में जाकर संबंधित संपत्ति की वैधता जांच लें। स्वीकृत नक्शा, भवन अनुज्ञा और डायवर्सन की जानकारी जरूरी है, अन्यथा खरीदी अवैध मानी जाएगी
