कोलकाता (माधवएक्सप्रेस)। पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने पैर में फ्रैक्चर के बाद भी इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट में साहसिक बल्लेबाजी के लिए विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत की जमकर प्रशंसा की है। ऋषभ ने पैर में फ्रैक्चर के बाद भी मैनचेस्टर टेस्ट में बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतकीय पारी खेली थी। जिससे भारतीय टीम पहली पारी में बड़ा स्कोर बनाने में सफल रही थी। ऋषभ ने इस दौरे में दो शतकों के साथ ही सात पारियों में 479 रन बनाए। उन्होंने लॉर्ड्स टेस्ट में हाथ में चोट लगने के बाद भी 74 रनों की पारी खेली थी। उनके इस प्रदर्शन से ही भारतीय टीम को पांच मैचों की सीरीज बराबर करने की प्रेरणा मिली है जिसमें अभी भारतीय टीम 1-2 से पीछे है। गांगुली ने कहा, वह एक बहुत अच्छा टेस्ट खिलाड़ी है। वह चोटिल है और उसे फिट होने में समय लगेगा। उसने सीरीज में अब तक शानदार बल्लेबाजी की है। इस क्रिकेटर को मैनचेस्टर में भारत की पहली पारी के दौरान चोट लगी थी, जब इंग्लैंड के तेज गेंदबाज क्रिस वोक्स की एक खतरनाक यॉर्कर उनके पैर में लगी थी। गेंद उनके बल्ले से टकराकर उनके पैर में लग गयी थी। जिसके बाद वह रिटायर्ड हर्ट हुए थे। इसके बाद भी उन्होंने दूसरे दिन फ्रैक्चर के बाद भी 54 रनों की पारी खेली।गांगुली ने भारतीय टीम के मैनचेस्टर में अंतिम दिन किये प्रयासों को भी सराहा जिससे टीम मैच बचाने में सफल रही। गांगुली ने रविन्द्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर के मैच बचाने वाले शतकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारतीय टीम ने अच्छा क्रिकेट खेला क्योंकि 140 से ज्यादा ओवर तक बल्लेबाजी कर मैच बचाना आसान नहीं है।
