मातृ-शिशु अस्पताल में सुरक्षा गार्ड पर मरीजों को ड्रिप लगाने का आरोप, वीडियो वायरल
Spread the loveरायपुर। कालीबाड़ी स्थित मातृ-शिशु अस्पताल का...
Spread the loveरायपुर। कालीबाड़ी स्थित मातृ-शिशु अस्पताल का...
Spread the loveप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया स्थानीय...
Spread the loveगंगरेल के द्वीप से आकार ले...
बोरोनिया,(माधवएक्सप्रेस)। ऑस्ट्रेलिया के बोरोनिया में मौजूद श्रीस्वामीनारायण मंदिर की दीवारों पर आपत्तिजनक नारे लिखे गए। यह मंदिर वॉधहर्स्ट ड्राइव पर मौजूद है और दीवारों पर लाल रंग से नफरत भरे संदेश लिखे गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक आसपास के दो एशियाई रेस्तरां पर भी वही स्लोगन पाए गए, जो मंदिर में ते। ऐसे में इन घटनाओं को आपस में जुड़ा माना जा रहा है। बता दें कि इससे पहले जनवरी, 2023 में मेलबर्न के मिल पार्क में बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर पर खालिस्तानी समर्थकों ने हिंदुस्तान मुर्दाबाद और मोदी हिटलर जैसे नारे लिखे थे। मई, 2023 में सिडनी के रोसहिल बीएपीएस मंदिर पर भी पीएम मोदी को लेकर आपत्तिजनकर नारे लिखे गए थे। इस घटना ने ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले हिंदू समाज की चिंता बढ़ा दी है। हिंदू काउंसिल ऑफ ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख मकरंद भगवत ने इस इसकी निंदा करते हुए कहा कि हमारा मंदिर शांति, भक्ति और एकता का स्थान है। इसका अपमान हमारे धर्म और पहचान पर हमला है। उन्होंने बताया कि मंदिर में रोजाना प्रार्थनाएं, सामूहिक भोजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं, जिसमें मेलबर्न के भारतीय समुदाय से लोग भाग लेते हैं। विक्टोरिया पुलिस ने बताया कि बोरोनिया और बेजवॉटर में चार घटनाओं की जांच की जा रही है, जिसमें मंदिर और दो रेस्टोरेंट शामिल हैं। कनाडा में भी मंदिर पर स्लोगन दूसरी तरफ कनाडा के सरे शहर में अप्रैल महीने में लक्ष्मी नारायण मंदिर की दीवारों पर खालिस्तान समर्थक स्लोगन लिखे गए थे। यह घटना रात को 3 बजे हुई, जब दो अज्ञात लोगों ने मंदिर की दीवार पर स्प्रे पेंट से स्लोगन लिखे और वहां लगे सुरक्षा कैमरे को भी हटा दिया। एक कनाडाई पत्रकार ने मंदिर का दौरा किया और कहा कि यह तीसरी बार है जब मंदिर को निशाना बनाया गया है। उन्होंने बताया कि मंदिर के प्रबंधन और श्रद्धालु महसूस करते हैं कि इस मामले को पुलिस और नेता, दोनों ही गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इससे पहले वैंकूवर स्थित खालसा दीवान सोसाइटी के रॉस स्ट्रीट गुरुद्वारे पर भी खालिस्तान समर्थक स्लोगन मिले थे। इन घटनाओं ने कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदायों के मन में असुरक्षा की भावना बढ़ी है।
