नई दिल्ली,(माधवएक्सप्रेस)। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक दिए इस्तीफे को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को केंद्र सरकार पर सवालों की बौछार करते हुए कहा कि धनखड़ की तबीयत ठीक थी, फिर उन्होंने पद क्यों छोड़ा? इसी के साथ खड़गे ने इस मामले को धनखड़ के सिर्फ स्वास्थ्य कारणों का मामला मानने से इनकार किया और कहा, कि हमें लगता है कि दाल में कुछ काला है। खड़गे ने मीडिया से बात करते हुए कहा, मोदी सरकार को साफ-साफ बताना चाहिए कि धनखड़ जी ने उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा क्यों दिया? क्या कोई अंदरूनी कारण है जिसे छुपाया जा रहा है? धनखड़ बीजेपी-आरएसएस के प्रवक्ता जैसे थे खड़गे ने यह भी आरोप लगाया कि जगदीप धनखड़ हमेशा भाजपा और आरएसएस के पक्ष में बोलते थे। उन्होंने कहा, वह कभी भी विपक्ष के सवालों का समर्थन नहीं करते थे। उनकी पूरी निष्ठा बीजेपी-आरएसएस के साथ थी। जब ऐसे व्यक्ति अचानक इस्तीफा देते हैं तो सवाल उठते ही हैं। विपक्ष की आशंका: कहीं कोई दबाव तो नहीं? कांग्रेस सहित विपक्षी दलों का मानना है कि धनखड़ का इस्तीफा सिर्फ स्वास्थ्य कारणों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे कोई राजनीतिक रणनीति या दबाव भी हो सकता है। हालांकि अभी तक सरकार की ओर से इस पर कोई विस्तृत सफाई नहीं आई है। धनखड़ इस्तीफा घटनाक्रम धनखड़ ने 22 जुलाई की रात उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया था, जिसमें उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया। हालांकि, उनका कार्यकाल अगस्त 2027 तक था, और हाल तक वह सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय भी दिखे थे।
