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कांकेर, 10 जुलाई । जिले के कोयलीबेड़ा ब्लॉक के ग्राम पंचायत केसेकोड़ी के आश्रित ग्राम गट्टाकाल प्राथमिक शाला शिक्षक विहीन हो गया है। स्कूल में पहली से पांचवीं तक लगभग 55 बच्चे दर्ज हैं। गट्टाकाल प्राथमिकशाला में पदस्थ शिक्षक नरेश कुमार कोर्राम स्कूल खुलने के एक दिन ही उपस्थित हुए। इसके बाद से आज तक विद्यालय नहीं पहुंचने से विद्यालय रसोइया के भरोसे चल रहा है, इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कुछ समय तक दो रसोइया बच्चों को विद्यालय में बिठाते रहे, लेकिन लेकिन शिक्षक की अनुपस्थिति के चलते अब बच्चे भी स्कूल जाना बंद कर चुके हैं । बीईओ देवकुमार शील ने कहा कि, मामले की जांच करवाकर शिक्षक के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
गट्टाकाल प्राथमिकशाला की छात्रा रंजीता उसेंडी, बिमला, लखन, बसनम को अन्य स्कूलों में प्रवेश के लिए टीसी की आवश्यकता है, लेकिन स्कूल में शिक्षक न होने के कारण उन्हें टीसी नहीं मिल पा रही है। इसके चलते वे अब तक किसी अन्य विद्यालय में प्रवेश नहीं ले सके हैं। पालक परेशान हैं और बच्चों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
शाला समिति के सदस्यों ने बताया कि, पांचवीं कक्षा पास करने के बाद बच्चों को पास के माध्यमिक विद्यालयों में प्रवेश दिलाना जरूरी हो गया है, लेकिन शिक्षक की गैरमौजूदगी के चलते यह कार्य भी ठप पड़ा है। उन्होंने बताया संकुल समन्वयक को कई बार इसकी लिखित व मौखिक शिकायत की गई है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है । शिक्षक नदारद हैं, और अधिकारी चुप्पी साधकर बैठे हैं।
ग्रामीणों का कहना शिक्षा विभाग की इस लापरवाही से गांव के बच्चे पिछड़ रहे हैं । ग्रामीणों और शाला समिति सदस्यों ने मांग की है कि, तत्काल प्रभाव से शिक्षक की व्यवस्था की जाए और अनुपस्थित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई हो और बच्चों को टीसी जारी कर उन्हें अन्य स्कूलों में दाखिला दिलाया जाए।
