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उज्जैन । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी को अधिक भव्य रूप देने हेतु प्रत्येक सवारी में अलग-अलग थीम रखी गई है, जिसमें प्रथम सोमवार को निकलने वाली श्री महाकालेश्वर भगवान की सवारी में भगवान श्री मनमहेश के स्वरूप में रजत पालकी में विराजित होकर अपने भक्तों को दर्शन देंगे।
भगवान श्री महाकालेश्वर जी की सभी सवारियाँ पूर्ण वैभव के साथ नगर भ्रमण पर निकलती है, इसी क्रम में श्री महाकालेश्वर भगवान की प्रथम सवारी 14 जुलाई को वैदिक उद्घोष कार्यक्रम होगा। प्रथम सवारी के अवसर पर श्री महाकालेश्वर जी की सवारी का क्षिप्रातट पर पूजन के दौरान 500 से अधिक वैदिक बटुकों द्वारा वैदिक मंत्रों से उदघोष के रूप में अर्चण किया जावेगा। माँ क्षिप्रा के तट पर दोनों ओर दत्त अखाड़ा क्षेत्र व रामघाट क्षेत्र में उज्जैन में संचालित 25 गुरूकुलों के 500 से अधिक बटुकों द्वारा वेद उदघोष किया जावेगा।
इसी क्रम में वैदिक उदघोष के निमित्त आज 25 गुरूकुलों के प्रबंधक-आचार्यों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी आचार्यों को सवारी के दौरान होने वाले वेदघोष के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किये गये साथ ही मंत्रों का चयन कर उनके क्रम का भी निर्धारण किया गया, बटुकों को दत्त अखाड़ा क्षेत्र व रामघाट पर पहुंचाने हेतु बसों की व्यवस्था शिक्षा विभाग के माध्यम से किये जाने के निर्देश प्रदान किये गये। बैठक में सहायक प्रशासक श्री गिरीश तिवारी, प्रभारी निदेशक डॉ. पीयुष त्रिपाठी, व उज्जैन के 25 गुरूकुलों के प्रबंधक-आचार्य उपस्थित थे।
