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बेतिया, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, लौरिया में डाॅ. मुतुर्जा अंसारी एनसीडीओ एवं डाॅ. दिलीप कुमार प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की अध्यक्षता में मंगलवार को उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। एनसीडी स्क्रीनिंग, ट्रीटमेंट, कैंसर इत्यादि बीमारियों की जाँच एवं उसके बारे में स्वास्थ्य कर्मियों को जागरूक करने की बातें बताई गई।
एनसीडीओ डॉ मुर्तजा अंसारी ने बताया कि भारत में मौतों का 63 प्रतिशत वजह गैर संचारी रोग होता है। डॉ मुर्तजा ने कहा कि गुटका जनित मुँह के कैंसर से प्रतिवर्ष लगभग 3.50 लाख लोगों की मौत हो रही है। इसमें अधिकतर 30 साल से उपर वाले लोग शामिल होते हैं। ऐसे संदिग्ध लोगों की स्क्रीनिंग की जाए। बीपी, शुगर, ओरल, ब्रैस्ट कैंसर या बच्चेदानी के मुँह के कैंसर की शुरूआत में ही जाँच कराकर टेली मेडीसिन या रेफरल मैनेजमेंट से इलाज सुनिश्चित कर लोगों की जान बचाई जा सकती है।
उन्होंने बताया कि कैंसर जैसे जानलेवा बीमारी की भी पहचान अगर शुरूआती स्टेज में हो जाए तो शत-प्रतिशत इलाज संभव होता है। इस तरह लोग असमय मौत, सामाजिक-आर्थिक नुकसान से बच सकते हैं।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ दिलीप कुमार ने बताया कि आशा के द्वारा अनुमानतः 1000 की जनसंख्या में 370 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग कर अपने लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने का निर्देश दिया गया है। इस मौके पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, अस्पताल प्रबंधक राहुल कुमार, एफएलसी कन्हैया, बीसीएम रीना मोदी, ब्रजेश कुमार तिवारी एवं एएनएम मौजूद थीं।
