ग्रामीणों की मांग पर बना सकालो मुरना बांध, जल संकट से मिली राहत और 45 हेक्टेयर खेती को मिला पानी
Spread the love00 374.96 लाख की लागत से...
Spread the love00 374.96 लाख की लागत से...
Spread the love00 बार-बार जनता से ठुकरायी जा...
Spread the love00 अंतागढ़ के लामकन्हार में सुनी...
जगदलपुर, 27 जून । बस्तर जिला मुख्यालय में महारानी अस्पताल के पीछे संचालित शासकीय नर्सिंग कॉलेज में पिछले दिनों धार्मिक स्थल को हटाए जाने के मामले में नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्या स्वर्णलता पीटर को हटाते हुए अम्बिकापुर भेज दिया गया है। इस मामले में कार्यवाही के बाद छात्राओं ने आरोप लगाते हुए कहा है, कि वहां की वार्डन के खिलाफ किसी भी प्रकार से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। वह लगातार छात्राओ से अभद्र व्यवहार करने के साथ ही गाली-गलौज भी करती है।
उल्लेखनीय है कि 16 जून को शासकीय नर्सिंग कॉलेज में बने धार्मिक स्थल को विशेष समुदाय की कुछ छात्राओं के द्वारा हुए बवाल के बाद हटा दिया गया था, जिसके बाद कॉलेज की छात्राओं ने इसे लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज करवाया था, जिसके बाद बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, सक्षम के अलावा अन्य हिन्दू संगठनों ने इस मामले में हस्तक्षेप किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आला अधिकारियों से लेकर बस्तर जिले के सीएचएमओ मौके पर पहुंचे। जहां प्राचार्य ने अपनी गलती मानते हुए वापस धार्मिक स्थल की स्थापना कर दी गई थी। इस मामले में अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था, 26 जून को जारी आदेश में कॉलेज की प्राचार्य स्वर्णलता पीटर को नर्सिंग कॉलेज से हटाते हुए अम्बिकापुर भेज दिया गया है।
