कोतमा /जिले के केल्हौरी क्षेत्र में खनिज विभाग की सख्त कार्यवाहियों से रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है। लगातार हो रही कार्रवाई से माफिया के आका और उनके गुर्गे बौखलाए हुए हैं। हाल ही में एक महिला खनिज अधिकारी को धमकाने का मामला सामने आने के बाद अब पुनः दिनांक 23 जून को खनिज विभाग द्वारा रेत जब्ती की एक और कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, जिस वाहन को खनिज अधिकारी द्वारा 11 जून को पकड़ा गया था, वह कथित रूप से नगर परिषद बकहो की ₹85 लाख की लागत वाली भवन परियोजना के लिए रेत की आपूर्ति कर रहा था। इतना ही नहीं, रेत की अवैध सप्लाई आस-पास की कई पंचायतों और पावर हाउस तक की जा रही थी। स्थानीय लोगों का मानना है कि ठेकेदार को समय पर निर्माण सामग्री पहुँचाने की जिम्मेदारी माफिया के गुर्गों ने संभाल रखी थी।
लेकिन जब इस पूरे नेटवर्क पर खनिज विभाग ने कार्रवाई शुरू की और माफिया आका की गाड़ी व उसके गुर्गों को FIR में नामजद किया गया, तो अवैध रेत कारोबार की कमर टूट गई। खनिज विभाग की निरंतर सक्रियता ने माफियाओं के हौसले पस्त कर दिए हैं।
रेत माफियाओं की संपत्ति जब्ती की मांग
जनता की ओर से मांग उठ रही है कि इन माफियाओं की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति की जांच कर, उसे ज़ब्त कर कुर्क किया जाए। खनिज विभाग से अपेक्षा की जा रही है कि कलेक्टर महोदय को सिफारिश भेजकर कार्रवाई कराई जाए ताकि अवैध रेत उत्खनन के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।
पहले से दर्ज हैं मुरुम स्टोन के मामले
सूत्र बताते हैं कि उक्त रेत माफिया के आका के विरुद्ध पूर्व में भी मुरुम स्टोन की अवैध ढुलाई के कई प्रकरण दर्ज हैं। यदि खनिज विभाग और प्रशासन इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच करे तो संभव है कि शासकीय राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले इस गिरोह को जेल की हवा खिलाई जा सके
जनता की मांग: रेत माफियाओं की जड़ें उखाड़ें, अवैध खदानें ध्वस्त हों और दोषियों को मिले कड़ी सजा।