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बलरामपुर, 4 जून । जिले विकासखंड रामचन्द्रपुर के ग्राम पुरुषोत्तमपुरवासी बीते 25 दिनों से नर हाथी के आतंक सें लोग डरे हुए हैं। बीते दिनों हाथी के कुचलने से गांव के एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है। हाथी द्वारा प्रतिदिन मक्के की फसल को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। दिन में जहां हाथी जंगल में रहता है वही रात में वह बस्ती के नजदीक आ जा रहा है। बीती रात को, चार लोगों की जान बाल-बाल बची। पूरे ग्रामवासी रात्रि जागरण कर रखवाली कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि विगत 25 दिनों से दल से बिछड़े हाथी गांव एवं आसपास जंगल से नहीं जा रहा है। गांव वालों के द्वारा मक्के की खेती की गई है। जिसे खाने के लिए हाथी रात में बस्ती में आ रहा है। जिससे ग्रामवासी भयभीत रहते हैं। जब से गांव में हाथी के हमले से सुरेश सिंह की मृत्यु हुई है, गांव में डर का माहौल नर्मिति हो गया है। क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य एवं सभापति बद्री यादव सहित गांव के सरपंच, पूर्व सरपंच ग्रामीणों के साथ बीते पूरी रात जागकर जागरण कर रहे हैं।
जिला पंचायत सदस्य बद्री यादव का कहना है कि, प्रतिदिन रात में ग्रामीणों के द्वारा हाथी के रिहायशी क्षेत्र में आने के बाद सूचना दी जा रही है तो हम लोग भी बस्ती में पहुंच रहे हैं एवं ग्रामीणों के साथ हाथी से बचने के लिए एक जगह एकत्रित रह रहे हैं। यादव ने बताया कि वन विभाग के द्वारा लगातार हाथी को भगाने का प्रयास किया जा रहा है। वन विभाग से प्रशिक्षित टीम हाथी भगाने के लिए मंगाने की मांग की है। वन विभाग के द्वारा हाथी को भगाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है साथ ही साथ ग्रामीणों को हाथी के नजदीक नहीं जाने के लिए मुनादी भी कराई जा रही है।
