CG : सुकमा के 3 माओवादियों ने आंध्र प्रदेश में किया आत्मसमर्पण, हिंसा छोड़ मुख्यधारा में लौटने का लिया फैसला
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रायपुर। विकसित भारत का सपना आज के युवाओं के लिए है और आने वाले समय में वही इसका नेतृत्व करेंगे। देश को युवाओं की प्रतिभा, ज्ञान और सामर्थ्य से बड़ी उम्मीदें हैं। इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा हासिल कर रहे युवाओं को अपने ज्ञान, अध्ययन और नवाचार का उपयोग केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उसे समाज और राष्ट्रहित में लगाना चाहिए। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने रायपुर के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) में आयोजित दो दिवसीय यूथ कॉनक्लेव-कम-नेशनल कॉन्फ्रेंस के समापन सत्र में तकनीकी विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए ये बातें कही। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी योग्यता और क्षमता से देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। कॉनक्लेव में उत्कृष्ट शोधपत्र प्रस्तुत करने वाले, परियोजना प्रदर्शनी और हैकाथॉन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले युवा प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रायपुर और भारतीय राष्ट्रीय अभियांत्रिकी अकादमी (Indian National Academy of Engineering) द्वारा दो दिनों के इस यूथ कॉनक्लेव-कम-नेशनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया था। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने समापन सत्र को मुख्य अतिथि के रुप में संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार विकसित भारत की परिकल्पना को लेकर काम कर रही है। देश में युवाओं को आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर मिल रहे हैं। युवा अपनी योग्यता, ज्ञान और क्षमता के बल पर न केवल स्वयं आगे बढ़ सकते हैं, बल्कि भारत को भी दुनिया में नई पहचान दिला सकते हैं।
साव ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण आज की युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए हो रहा है। उन्होंने युवाओं से भावनात्मक संवाद करते हुए कहा कि हमारी पीढ़ी के लोग उस समय तक रहें या न रहें, लेकिन जब विकसित भारत दुनिया में अपने मान-सम्मान और गौरव के साथ खड़ा होगा, तब उसका नेतृत्व आज के युवा ही कर रहे होंगे। इसलिए विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्हें अभी से इस दिशा में अपनी जिम्मेदारी समझते हुए योगदान देना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि दो दिवसीय सम्मेलन में विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और वैज्ञानिकों ने इस दिशा में व्यापक विचार-विमर्श किया होगा। यहां से मिले विचार और अनुभव भविष्य में समाज तथा राष्ट्र के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश, जवाहर लाल नेहरू एल्यूमिनियम रिसर्च, डेवलपमेंट एंड डिजाइन सेंटर के निदेशक डॉ. रोहित कुमार गुप्ता, एनआईटी रायपुर के प्राध्यापकगण प्रो. समीर वाजपेयी, प्रो. अर्चना शर्मा, डॉ. एस. सान्याल और डॉ. संजीव कुमार भी यूथ कॉनक्लेव-कम-नेशनल कॉन्फ्रेंस के समापन सत्र में शामिल हुए।
