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रायगढ़ 29 मई कर दिया है। नए सत्र से एक ही परिसर में स्थित 553 स्कूल आपस में मर्ज हो जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्र में एक किमी के अंदर 7 स्कूल मर्ज हो रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने ऐसे स्कूलों की समीक्षा की जिनमें बच्चों की संख्या बेहद कम थी। इसके अनुपात में वहां शिक्षकों की संख्या ज्यादा थी। कई स्कूल ऐसे थे जहां शिक्षकों की संख्या बेहद कम थी जबकि विद्यार्थियों की संख्या बहुत अधिक थी। इसलिए शिक्षण प्रभावित हो रहा था।
राज्य सरकार ने रायगढ़ जिले में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए 553 स्कूलों को युक्तियुक्त करण कर दिया है। यह निर्णय बच्चों की घटती संख्या और शिक्षकों की अनुपलब्धता के संतुलन को देखते हुए लिया गया है। नए शैक्षणिक सत्र से ये सभी स्कूल एक ही परिसर में संचालित होंगे।ग्रामीण इलाकों में कई स्कूल ऐसे पाए गए जहां 1 किलोमीटर के दायरे में ही 5 से 7 स्कूल स्थित थे। इनमें से कई स्कूलों में छात्र संख्या बेहद कम थी, जबकि कुछ में शिक्षक जरूरत से ज्यादा थे।
इसके विपरीत कुछ स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या ज्यादा और शिक्षकों की संख्या कम होने के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही थी।स्कूल शिक्षा विभाग ने जिलेभर के स्कूलों की समीक्षा की और पाया कि कई स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति बहुत कम है। इससे संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा था। इस असंतुलन को दूर करने के लिए सरकार ने मर्जर का रास्ता अपनाया।अधिकारियों के मुताबिक, इस कदम से न सिर्फ संसाधनों का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा बल्कि शिक्षण की गुणवत्ता भी सुधरेगी। अब अधिक विद्यार्थियों को अनुभवी शिक्षक मिल सकेंगे और अधोसंरचना का बेहतर उपयोग होगा।
