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जगदलपुर, 24 मई । दक्षिण पश्चिम मानसून शनिवार को केरल पहुंच गया है, 16 वर्ष बाद मानसून 8 दिन पहले दस्तक दी है। आमतौर पर 1 जून से केरल में मानसून की बारिश शुरू होती है। पिछली बार केरल में मानसून इतनी जल्दी 2009 और 2001 में आया था, जब 23 मई से बारिश शुरू हो गई थी ।
मौसम विभाग के अनुसार सब कुछ ठीक रहा तो 4 जून काे छत्तीसगढ़ के बस्तर में मानसून पंहुच जायेग। सामान्यत: 10 से 15 जून के बीच बस्तर में में मानसून की बारिश हाेने लगती है। देश में 25 मई से 2 जून तक नौतपा के दाे दिन बाद छत्तीसगढ़ के बस्तर में मानसून सक्रिय हाे जायेगा ।
छत्तीसगढ़ में प्री-मानसून की बारिश हाेने लगी है, अगले 7 दिनों तक बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। माैसम वैज्ञानिकाें के अनुसार केरल में मानसून के आगमन से पहले अनुकूल परिस्थितियां विकसित हो गई थीं । पिछले दो दिनों में केरल के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई है । इसका कारण निम्न दबाव का क्षेत्र और आगे बढ़ रहा मानसून का सिस्टम है। दक्षिण, मध्य और उत्तर बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों और पूर्वोत्तर राज्यों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 28 मई तक मानसूनी हवा को सही तरीके से साथ आगे बढ़ाने के सिस्टम बन रहे हैं।
