नमित मल्होत्रा की ‘रामायण’ और जियोहॉटस्टार ने मिलाया हाथ, भारत के सबसे बड़े महाकाव्य को डिजिटल माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाने की दिशा में की नई पहल
Spread the loveनमित मल्होत्रा की ‘रामायण’ और जियोहॉटस्टार...
Spread the loveनमित मल्होत्रा की ‘रामायण’ और जियोहॉटस्टार...
Spread the loveसोहम शाह ने शेयर किया ‘तुम्बाड’...
Spread the loveरायपुर। छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष...
इंदौर, 10 मई । इंदौर के होलकर स्टेडियम को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। शनिवार सुबह यह धमकी एमपीसीए सचिव को एक ईमेल के जरिए दी गई। ईमेल में स्टेडियम के साथ अस्पताल को भी उड़ाने की चेतावनी दी गई है। सचिव ने तुरंत तुकोगंज पुलिस को सूचना दी । पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने स्टेडियम की जांच की, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और साइबर टीम ईमेल की जांच कर रही है।
मप्र क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव के अधिकारिक इमेल एड्रेस पर ई-मेल अंग्रेजी में लिखा हुआ आया था। जिसमें लिखा था कि ‘आपके स्टेडियम में विस्फोट होगा। पाकिस्तान से पंगा मत लो। अपनी सरकार को समझाओ। पाकिस्तान के विश्वसनीय स्लीपर सेल देशभर में हैं। ऑपरेशन सिंदूर के कारण आपके स्टेडियम और अस्पताल में ब्लास्ट हो सकता है।’ ई-मेल में किसी स्टेडियम या अस्पताल का नाम नहीं लिखा था। चूंकि एमपीसीए का मुख्यालय इंदौर में है इसलिए होलकर स्टेडियम की जांच की गई। क्राइम ब्रांच और तुकोगंज थाने को शिकायत के बाद होलकर स्टेडियम की जांच की गई, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। एमपीसीए के अधिकारी रोहित पंडित की शिकायत पर तुकोगंज थाने पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ई-मेल कहां से आया था। मामले में क्राइम ब्रांच की टेक्निकल टीम भी जांच कर रही है।
इस मामले में तुकोगंज थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने कहा, “एमपीसीए के अधिकारी को मेल आया था, जिसमें होलकर स्टेडियम और देश के अस्पतालों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। मामला दर्ज कर मेल की जांच शुरू कर दी गई है कि मेल कहां से आया है और इसके पीछे कौन है।” वहीं एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने कहा कि साइबर एक्सपर्ट्स मेल की तकनीकी जांच कर रहे हैं। गाैरतलब है कि इससे पहले 4 फरवरी को भी इंदौर के एनडीपीएस स्कूल और IPS स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। उस समय भी स्कूल प्रशासन को मेल मिला था और दोनों स्कूलों को तुरंत खाली कराया गया था। बाद में जांच में सामने आया कि यह मेल तमिलनाडु से भेजा ग
या था।
