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आइची-नागोया, 22 अक्टूबर । भारतीय तीरंदाज स्वाति चौधरी ने एशियाई पैरा खेल-2026 में महिला डब्ल्यू-1 व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक जीता। गुरुवार को खेले गए फाइनल में उन्हें चीन की मेंगकान सेन के खिलाफ 4-6 से हार का सामना करना पड़ा। इस पदक के साथ ही प्रतियोगिता में भारत के कुल पदकों की संख्या 63 हो गई।
चौथे दिन भारत का यह पहला पदक रहा।
फाइनल में स्वाति ने शानदार शुरुआत करते हुए तीन चरणों के बाद 4-2 की बढ़त बना ली थी। हालांकि, चीन की तीरंदाज ने वापसी करते हुए मुकाबला 6-4 से अपने नाम कर लिया। इस तरह स्वाति को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। उनके पास भारत के लिए इस प्रतियोगिता में तीरंदाजी का पहला स्वर्ण पदक जीतने का अवसर था।
भारत के अब तक के 63 पदकों में 14 स्वर्ण, 22 रजत और 27 कांस्य पदक शामिल हैं। प्रतियोगिता के तीसरे दिन भारत पदक तालिका में छठे से पांचवें स्थान पर पहुंचा था।
मेरठ में करती हैं अभ्यास
उत्तर प्रदेश के मेरठ की रहने वाली 37 वर्षीय स्वाति चौधरी पैरा तीरंदाजी की डब्ल्यू-1 श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करती हैं। इस श्रेणी में ऐसे खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं, जिनके हाथों और पैरों में गंभीर शारीरिक दिव्यांगता होती है। स्वाति मेरठ की गुरुकुल तीरंदाजी अकादमी में कोच सत्यदेव प्रसाद के मार्गदर्शन में अभ्यास करती हैं।
सीमित आर्थिक सहयोग के बावजूद स्वाति ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छे प्रदर्शन से अपनी पहचान बनाई है। बैंकॉक में 2026 में आयोजित विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज में उन्होंने महिला डब्ल्यू-1 व्यक्तिगत, महिला टीम और मिश्रित टीम स्पर्धाओं में तीन रजत पदक जीते थे।
इसके अलावा, उन्होंने 2025 की राष्ट्रीय पैरा तीरंदाजी चैंपियनशिप और खेलो इंडिया पैरा खेलों में महिला डब्ल्यू-1 स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।
