फटा पटाखा’ में यामी गौतम धर ने जॉम्बीज के साथ जमाई पार्टी की महफिल, ‘नई नवेली’ का दूसरा गाना हुआ रिलीज।
Spread the love अमेज़न MGM स्टूडियोज़ और कलर...
Spread the love अमेज़न MGM स्टूडियोज़ और कलर...
Spread the love फ़िल्ममेकर लव रंजन शुरुआत से...
Spread the love पटना/दरभंगा। आश्विन शुक्ल दशमी अर्थात्...
शिमला, 28 अप्रैल । हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में आज तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप सुबह 5 बजकर 41 मिनट पर आया। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.7 मापी गई। भूकंप का केंद्र चंहा में 32.79 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 76.20 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित रहा। इसकी गहराई जमीन की सतह से पांच किलोमीटर नीचे रिकॉर्ड की गई।
भूकंप से किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि भूकंप की तीव्रता काफी कम थी। इस कारण चंबा जिले व आसपास के क्षेत्रों में किसी भी तरह के नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग सतर्क हो गए और स्थिति सामान्य रही।
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश भूकंप की दृष्टि से देश के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल है। राज्य का अधिकांश भाग भूकंपीय जोन-4 और जोन-5 में आता है। इसी संवेदनशीलता के चलते चंबा, कांगड़ा, मंडी, लाहौल-स्पीति, किन्नौर और शिमला जैसे जिलों में समय-समय पर हल्के भूकंप के झटके महसूस होते रहे हैं। बीते कुछ वर्षों में राज्य में बार-बार भूकंप के झटकों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
इतिहास गवाह है कि हिमाचल प्रदेश में भूकंप से भारी तबाही हो चुकी है। वर्ष 1905 में कांगड़ा और चंबा जिलों में आए भीषण भूकंप में 10 हजार से अधिक लोगों की जान गई थी और व्यापक स्तर पर तबाही हुई थी।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण लगातार लोगों को जागरूक करने के प्रयास कर रहा है। भूकंप के समय खुद को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी उपायों की जानकारी दी जा रही है। स्कूलों, दफ्तरों और सार्वजनिक स्थलों पर भूकंप से बचाव के लिए मॉक ड्रिल भी कराई जाती हैं। चंबा सहित हिमाचल के अन्य जिलों में बीते कुछ समय में कई बार 2 से 4 रिक्टर स्केल की तीव्रता वाले भूकंप आ चुके हैं। हालांकि अब तक कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन लगातार झटकों ने लोगों के मन में डर जरूर बैठा दिया है।
