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काठमांडू, 25 अप्रैल । नेपाल के संसद का बजट सत्र शुक्रवार से शुरू हो रहा है, लेकिन पहले ही दिन सरकार और प्रतिपक्ष के बीच विवाद शुरू हो चुका है। विपक्षी नेता ने प्रधानमंत्री के संबोधन का बहिष्कार करने की घोषणा कर दी है, जिसके कारण प्रधानमंत्री का संबोधन कार्यक्रम अंतिम समय में स्थगित कर दिया गया है।
आमतौर पर संसद सत्र के पहले दिन सदन में सभी प्रमुख दल के नेता उपस्थित रहते हैं और उन नेताओं का संबोधन होता है, लेकिन प्रमुख विपक्षी नेता माओवादी के पुष्प कमल दहाल प्रचंड ने सुबह ही प्रधानमंत्री के संबोधन का बहिष्कार करने की घोषणा कर दी। संसदीय दल की बैठक के बाद प्रचंड ने प्रधानमंत्री से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार हर मोर्चे पर विफल हो गई है और प्रधानमंत्री ओली को एक भी दिन भी पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है।
संसद सचिवालय को भेजे गए पत्र में प्रधानमंत्री का आज का संबोधन कार्यक्रम रद्द होने की जानकारी दी गई है। इस पत्र में भी विपक्षी नेताओं की अनुपस्थिति के कारण प्रधानमंत्री का संबोधन रद्द किए जाने की जानकारी दी गई है।
प्रधानमंत्री द्वारा संसद को संबोधित करते समय विपक्ष सहित सभी प्रमुख दलों के नेताओं के उपस्थित होने की प्रथा है। सिर्फ विपक्षी नेता ही नहीं सत्ता पक्ष के प्रमुख नेता नेपाली कांग्रेस के शहर बहादुर देउवा भी विदेश यात्रा पर होने के कारण वो भी आज संसद की बैठक में उपस्थित नहीं हो सकेंगे। देउवा आज अपराह्न बैंकाक और सिंगापुर की यात्रा से वापस आ
रहे हैं।
