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नई दिल्ली, 25 अप्रैल । राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने 22 अप्रैल को केंद्रशासित प्रदेश जम्मू एवं कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में धर्म की पहचान करने के बाद आतंकवादियों द्वारा 28 लोगों की नृशंस हत्या की घटना की निंदा की है। आयोग ने कहा कि वह इस समाचार से बहुत व्यथित है।
आयोग ने आज एक बयान में कहा कि घाटी में छुट्टियां मनाने आए निहत्थे और बेकसूर निर्दोष नागरिकों पर किए गए कायरतापूर्ण हमले की आयोग निंदा करता है। इस घटना ने निर्दोष पीड़ितों और उनके परिवारों के मानवाधिकारों के उल्लंघन के एक गंभीर मुद्दे के रूप में हर सही सोच वाले इंसान की अंतरात्मा को झकझोर दिया है।
आयोग ने कहा कि विभिन्न मंचों पर बार-बार कहा गया है कि आतंकवाद दुनिया में मानवाधिकारों के उल्लंघन के सबसे बड़े कारणों में से एक है। आतंकवाद को बढ़ावा देने, उसका समर्थन करने और उसे आगे बढ़ाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने और इस खतरे के लिए उन्हें जवाबदेह ठहराने का समय आ गया है। आयोग ने उम्मीद जताई कि राज्य जवाबदेही तय करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा, अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाएगा और पीड़ितों के परिवारों को हर संभव तरीके से सहायता प्रदान
करेगा।
