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रायपुर, 22 मार्च । हिन्दी के प्रख्यात कवि और कथाकार विनोद कुमार शुक्ल को साहित्यिक सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित होंगे। ज्ञानपीठ समिति ने आज शनिवार को नई दिल्ली में इसकी घोषणा की। यह सम्मान पाने वाले छत्तीसगढ़ के वह पहले साहित्यकार होंगे। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिये गौरव की बात है।
विनोद कुमार शुक्ल का जन्म 1 जनवरी 1937 को राजनांदगांव में हुआ था। फिलहाल वे रायपुर में ही रहते हैं। पिछले 50 सालों से वे लिख रहे हैं। उनकी पहली कविता “लगभग जयहिंद” 1971 में प्रकाशित हुई थी और तभी से उनकी लेखनी ने साहित्य जगत में अपना अलग स्थान बना लिया था।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कवि विनोद कुमार शुक्ल को ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर बधाई दी है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि देश के लब्धप्रतिष्ठ उपन्यासकार–कवि विनोद कुमार शुक्ल को प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किए जाने का समाचार प्राप्त हुआ है। यह छत्तीसगढ़ के लिये गौरव की बात है। विनोद कुमार शुक्ल को अशेष बधाई। उन्होंने एक बार पुनः छत्तीसगढ़ को भारत के साहित्यिक पटल पर गौरवान्वित होने का अवसर दिया है। विनोद कुमार शुक्ल के सुदीर्घ और स्वस्थ जीवन की कामना की है।
