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नई दिल्ली, 07 मार्च । चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने ऑस्ट्रेलियाई दौरे के आखिरी दिन शुक्रवार को ऐतिहासिक विक्टोरिया बैरक का दौरा किया। यह किसी भारतीय चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की ऑस्ट्रेलिया की पहली यात्रा थी। उन्होंने इस दौरान ऑस्ट्रेलियाई रक्षा विभाग और ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ मुलाकात की। इसके अलावा फोर्स कमांड मुख्यालय, ऑस्ट्रेलियाई रक्षा कॉलेज और लोवी इंस्टीट्यूट का दौरा भी किया।
सीडीएस जनरल अनिल चौहान 04 मार्च को चार दिवसीय ऑस्ट्रेलिया की आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली से रवाना हुए थे। उनकी 7 मार्च तक की यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सैन्य संबंधों को और मजबूत करना था। उन्होंने अपने समकक्ष ऑस्ट्रेलिया के रक्षा बल प्रमुख एडमिरल डेविड जॉनसन एसी आरएएन और ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ बातचीत की। जनरल अनिल चौहान का स्वागत रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी के डिप्टी फ्लीट कमांडर कमोडोर रे लेगट ने किया और उन्होंने रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी के सबसे बड़े उभयचर हमलावर जहाज एचएमएएस एडिलेड का दौरा किया। इस दौरान उन्हें ऑस्ट्रेलिया की नौसैनिक क्षमताओं, उभयचर संचालन के बारे में जानकारी दी गई, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते समुद्री सहयोग को रेखांकित करती है।
जनरल चौहान की यात्रा में वरिष्ठ रक्षा नेताओं के साथ बैठकें शामिल थीं, क्योंकि भारत ऑस्ट्रेलिया के लिए एक शीर्ष स्तरीय सुरक्षा साझेदार है। दोनों देश शांतिपूर्ण, स्थिर और हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। चर्चाओं में दोनों देशों के दीर्घकालिक रक्षा और सुरक्षा सहयोग के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए व्यावहारिक विचारों पर ध्यान केंद्रित किया गया। ऑस्ट्रेलियाई सरकार के साथ द्विपक्षीय रक्षा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। इन बैठकों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करना, साझा सुरक्षा चिंताओं पर ध्यान केंद्रित करना और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देना था।
जनरल चौहान ने ऐतिहासिक सैन्य विक्टोरिया बैरक का दौरा किया, जो ऑस्ट्रेलिया की समृद्ध विरासत और रणनीतिक सैन्य योजना को आकार देने में भूमिका के लिए जानी जाती है। सीडीएस को ऑस्ट्रेलियाई सेना के रणनीतिक पहलुओं पर डिप्टी जी7 आर्मी ब्रिगेडियर सीन पार्क्स ने जानकारी दी। इस यात्रा से ऑस्ट्रेलियाई सेना के परिचालन ढांचे और कमांड संरचनाओं के बारे में सीडीएस को जानकारी मिली। जनरल चौहान को कैनबरा स्थित ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मुख्यालय में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जो भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा साझेदारी को मजबूत करने का प्रतीक है। इस औपचारिक स्वागत ने दोनों देशों के बीच आपसी सम्मान और बढ़ते रणनीतिक सहयोग को रेखांकित किया।
सीडीएस ने साझा बलिदानों के लिए श्रद्धांजलि के रूप में ऑस्ट्रेलियाई युद्ध स्मारक का दौरा किया और उन बहादुरों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने अपने देश की सेवा में अपने प्राणों की आहुति दी। युद्ध स्मारक पर उन्होंने गैलीपोली अभियान के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले भारतीय सैनिकों सहित शहीद नायकों को सम्मानित करते हुए अंतिम संस्कार समारोह में भाग लिया। सीडीएस ने ऑस्ट्रेलियाई रक्षा कॉलेज का दौरा किया, जहां उनका स्वागत ऑस्ट्रेलियाई रक्षा कॉलेज के कमांडर रियर एडमिरल जेम्स लाइब्रांड ने किया और उन्हें ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल के रणनीतिक और परिचालन पहलुओं के बारे में जानकारी दी।
