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अररिया,04 मार्च। प्रसिद्ध आंचलिक साहित्यकार फणीश्वरनाथ रेणु की 104वीं जयंती आज है।साहित्य की नई विधा आंचलिकता को ईजाद करने वाले फणीश्वरनाथ रेणु की जयंती और पुण्यतिथि को राजकीय समारोह के रूप में मनाया जाता है।जिसकी शुरुआत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा की गई।पटना के साथ जिला मुख्यालय अररिया और उनके गांव औराही हिंगना में आज के दिन कई कार्यक्रम आयोजित होते हैं।जहां रेणु की लेखनी और सामाजिक बदलाव में उनके योगदान को खूब चर्चा होती है।लेकिन सियासतदान रेणु को लेकर लिए गए प्रस्ताव और घोषणा को ही भूल बैठते हैं।यूं कहे कि सियासत के भंवरजाल में रेणु को लेकर किया गया वादा सियासतदान भूल बैठे हैं।
कटिहार जोगबनी रेलखंड के बीच में पड़ने वाले रेणु के गांव के रेलवे स्टेशन सिमराहा स्टेशन को उसके नाम पर करने कि बिहार विधानसभा से 2008 में ही पारित किया गया था। सिमराहा स्टेशन का नामकरण रेणुग्राम सिमराहा किया जाएगा।लेकिन 17 साल बीत जाने के बावजूद भी सिमराहा स्टेशन का नामकरण रेणु के नाम पर नहीं हो सका।जबकि रेणु के गांव के ग्रामीण लगातार यह मांगें उठाते रहे है।
फणीश्वरनाथ रेणु के दीवानों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह तक हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कई बार रेणु के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और ग्रामीण परिवेश वाले खाद्य पदार्थ पटुवा साग और भक्का का स्वाद ले चुके हैं।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कहने पर ही 2010 के विधानसभा चुनाव में भाजपा जेडीयू गठबंधन के साथ लड़ने पर फारबिसगंज से भाजपा का उम्मीदवार बनाया गया था।जिसमें उन्होंने जीत दर्ज भी की थी।इतना ही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी अररिया और पूर्णिया के सभा में फणीश्वरनाथ रेणु और उसकी कालजई रचना को खुले मंच से याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
कटिहार जोगबनी रेलखंड में सिमराहा रेलवे स्टेशन का नामकरण विश्व प्रसिद्ध साहित्यकार फणीश्वरनाथ रेणु के नाम पर करने का गैर सरकारी संकल्प बिहार विधानसभा में पारित किया गया था।संकल्प में सिमराहा स्टेशन का नाम रेणुग्राम सिमराहा करने पर सहमति बनाई गई थी।विधानसभा से उसे रेलवे मंत्रालय को भेजा भी गया था।बावजूद इसके सत्रह साल बाद भी सिमराहा स्टेशन का नामकरण रेणु के नाम पर नहीं हो सका।सिमराहा स्टेशन का नाम रेणुग्राम सिमराहा किए जाने की मांग को लेकर फणीश्वरनाथ रेणु के बड़े पुत्र एवं पूर्व विधायक पदम पराग राय वेणु और छोटे पुत्र दक्षिणेश्वर राय पप्पू कटिहार डीआरएम सुरेंद्र कुमार और सीनियर डीसीएम विवेकानंद द्विवेदी से हाल के दिनों में भी मुलाकात की और पूरी जानकारी दी थी। रेणु पुत्र ने मांग को लेकर एक मांगपत्र भी डीआरएम को सौंपा था।रेणु के परिजनों के द्वारा कई बार पत्राचार भी किया गया,लेकिन आश्वासन की घुट्टी में सत्रह साल बीत गया और सिमराहा स्टेशन का नाम रेणु के नाम पर हो न सका।
