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रायपुर, 18 फरवरी । शासन के शहरी एवं ग्रामीण घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को अपने घरों की छत पर रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने के उद्देश्य से प्रोत्साहित करने के लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना शुरू की गई है। सोलर पैनल से बिजली बिल में सालाना लगभग 16 हजार रुपये तक की बचत हो रही है। केंद्र सरकार की इस योजना का फायदा छत्तीसगढ़ से रायपुर से लेकर बस्तर इलाके तक के उपभोक्ता ले रहे हैं। योजना के लिए 75,021 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की शुरुआत 13 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की थी। इसका उद्देश्य देश में एक करोड़ घरों में छत पर सौर संयंत्र स्थापित करना है।
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में सौर ऊर्जा और बैट्री संचालित (बीईएसएस) देश का सबसे बड़ा प्लांट संचालित हो रहा है। यहां 100 मेगावाट का उत्पादन क्षमता है। इसमें वर्तमान में 40 मेगावाट बिजली उत्पादन किया जा रहा है। इस योजना से उन उपभोक्ताओं को रात में बिजली पहुंचाई जा रही है, जहां सोलर ऊर्जा से केवल दिन में बिजली मिल रही है। बैट्री संचालित प्लांट से रात में 3 घंटे तक बिजली दी जा रही है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लिए छत्तीसगढ़ से 2.68 लाख पंजीयन हो चुके हैं। सोलर पैनल लगवाने के लिए उपभोक्ताओं को बैंक से दो लाख रुपये का लोन और 78 हजार रुपये की सब्सिडी भी मिल रही है। इस योजना के तहत तीन किलोवॉट का सोलर पैनल लगाकर उपभोक्ता हर महीने 360 यूनिट बिजली स्वयं तैयार कर रहे हैं।वहीं किसानों को सोलर ऊर्जा के माध्यम से बिजली प्रदान करने के लिए पीएम कुसुम ए योजना शुरू की गई है। इसके तहत 2 मेगावाट का बिजली वर्तमान में उत्पादन किया जा रहा है। इस योजना के तहत मार्च 2025 तक 15 मेगावाट तक उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
पीएम सूर्य घर योजना के प्रोजेक्ट इंचार्ज इंजीनियर ने बिम्बिसार नागार्जुन ने जानकारी दी है कि छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना फरवरी 2024 से प्रभावशील है। यह स्थापित प्लांट नेट मीटरिंग द्वारा विद्युत ग्रिड से संयोजित है, जिससे उपभोक्ता द्वारा अपनी खपत से अधिक उत्पादित बिजली ग्रिड में सप्लाई हो जाती है। इससे न केवल उपभोक्ता के घर का बिजली बिल शून्य हो जाता है, बल्कि ग्रिड में दी गई बिजली के एवज में अतिरिक्त आय भी प्राप्त होती है। शासन द्वारा प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत 30 हजार से 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रति प्लांट दिए जाने का प्रावधान है। राज्य में 38,416 उपभोक्ताओं ने सोलर पैनल लगवाने के लिए आवेदन किया है।अभी तक 1,068 उपभोक्ताओं के घरों में सोलर पैनल लगाया जा चुका है।
कोरिया जिले के बैकुंठपुर-तलवापारा निवासी विष्णु पटेल और स्कूलपारा निवासी मिथिलेश कुमार ने क्रमशः 3 किलोवाट और 2 किलोवाट के सोलर पैनल लगवाने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि इस योजना की जानकारी समाचार पत्रों से मिली और उन्होंने तुरंत विद्युत विभाग से संपर्क किया। दोनों लाभार्थियों ने कहा कि इससे न केवल बिजली बिल में राहत मिलेगी, बल्कि वे ऊर्जा आत्मनिर्भर भी बनेंगे।सोलर पैनल की लाइफ 25 साल की है। यानी एक उपभोक्ता सोलर पैनल लगाकर चार लाख 21 हजार 200 रुपये की बचत कर सकता है। धमतरी के रामपुर वार्ड स्थित सपना पिंक सिटी के श्रीकांत सरोज बताते हैं कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लिए उन्होंने विद्युत विभाग के कार्यालय से सम्पर्क किया तथा योजना का लाभ लेने आवेदन दिया और एक माह में ही उनका सौर पैनल लग गया। वे बताते हैं कि उन्होंने तीन किलोवॉट का पैनल लगवाया है, इससे अब बिलकुल बिजली बिल नहीं देना पड़ रहा है।
