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मनीला, 06 फरवरी । पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो ने अमेरिकी विदेश मंत्रालय के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी युद्धपोतों को पनामा नहर से बिना शुल्क गुजरने की अनुमति मिल गई है।
राष्ट्रपति मुलिनो ने स्पष्ट किया कि नहर से गुजरने की शर्तें पनामा सरकार और संबंधित प्राधिकरणों द्वारा तय की जाती हैं, और इस संबंध में कोई विशेष छूट या नया समझौता नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से इस विषय पर चर्चा की थी और स्पष्ट रूप से बताया था कि शुल्क में किसी तरह की छूट देना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।
अपने साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन में मुलिनो ने कहा, “मैं अमेरिकी विदेश मंत्रालय के इस बयान की कड़ी निंदा करता हूं। यह दावा न केवल भ्रामक है, बल्कि पनामा की संप्रभुता पर भी प्रश्न उठाता है।” उन्होंने वॉशिंगटन स्थित पनामा के राजदूत को निर्देश दिया है कि वे इस दावे का आधिकारिक रूप से विरोध दर्ज कराएं।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा था कि सरकारी जहाज अब पनामा नहर से बिना किसी शुल्क के गुजर सकते हैं, जिससे अमेरिका को सालाना लाखों डॉलर की बचत होगी।
हालांकि, मुलिनो ने इस बयान पर आश्चर्य जताते हुए इसे “बेबुनियाद और अस्वीकार्य” करार दिया। उन्होंने कहा कि पनामा नहर का संचालन अंतरराष्ट्रीय संधियों और देश के कानूनों के तहत किया जाता है, और किसी भी बदलाव पर केवल पनामा सरकार का अधिकार है।
फिलहाल, अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से राष्ट्रपति मुलिनो के बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
