वसंत पंचमी हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे पूरे देश में बड़ी धूमधाम और भक्ति के साथ मनाया जाता है। इसे बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा के लिए समर्पित है। यह पर्व वसंत ऋतु की शुरुआत का भी प्रतीक है। वसंत पंचमी का पर्व मुख्य रूप से उत्तर भारत – पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल यह पर्व (Basant Panchami 2025) 2 फरवरी को मनाया जाएगा, तो आइए इस दिन से जुड़े कुछ चमत्कारी उपाय जानते हैं।
वसंत पंचमी हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे पूरे देश में बड़ी धूमधाम और भक्ति के साथ मनाया जाता है। इसे बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा के लिए समर्पित है। यह पर्व वसंत ऋतु की शुरुआत का भी प्रतीक है। वसंत पंचमी का पर्व मुख्य रूप से उत्तर भारत – पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाता है।
वसंत पंचमी के उपाय
तरक्की प्राप्ति हेतु
वसंत पंचमी के दिन सुबह उठकर स्नान करें। फिर देवी सरस्वती के सामने घी का दीपक जलाएं। फिर इस मंत्र का ”ॐ अर्हं मुख कमल वासिनी पापात्म क्षयम्कारी, वद वद वाग्वादिनी सरस्वती ऐं ह्रीं नमः स्वाहा।।” 108, 51 या फिर 21 बार जाप करें। इस उपाय को करने से कार्यक्षेत्र में आपको तरक्की प्राप्त होगी। साथ ही मनचाही सफलता मिलेगी।
वैवाहिक जीवन में मिठास के लिए
जिन लोगों के वैवाहिक जीवन में मुश्किलें आ रही हैं, उन लोगों को वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती को नारियल, चुनरी और कलावा अर्पित करना चाहिए। इस उपाय को करने से पति-पत्नी के बीच प्यार बढ़ेगा और रिश्ते में मधुरता आएगी।
मां सरस्वती की कृपा के लिए
वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की विधिवत पूजा करें। उन्हें हल्दी का तिलक लगाएं और पीले रंग के फल, फूल, पीले वस्त्र और मिठाई चढ़ाएं। देवी के वैदिक मंत्रों का जाप भी करें। ऐसा करने से मां सरस्वती प्रसन्न होंगी। साथ ही उनकी सदैव के लिए कृपा मिलेगी।
मां सरस्वती के वैदिक मंत्र
ॐ सरस्वती नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु विद्यारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
ॐ वागदैव्यै च विद्महे कामराजाय धीमहि। तन्नो देवी प्रचोदयात्।।