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नई दिल्ली, 01 फरवरी । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2025-26 में मध्यम वर्ग को बड़ा तोहफा दिया। सीतारमण ने कहा कि मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि अब 12 लाख रुपये तक की इनकम पर कोई आयकर नहीं देना होगा।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने नए टैक्स स्लैब का एलान करते हुए कहा कि इससे मध्यम वर्ग देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। हमने मध्यम वर्ग पर टैक्स कम किए हैं। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अब 12 लाख रुपये तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं देना होगा।
सीतारमण ने कहा, “जुलाई 2024 के बजट में विवरण दाखिल करने की नियत तिथि तक टीडीएस के भुगतान में देरी को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया है। मैं टीडीएस प्रावधानों से भी यही प्रस्ताव करती हूं।”
सीतारमण ने कहा कि बीमा क्षेत्र के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) सीमा 74 से बढ़ाकर 100 फीसदी की जाएगी। यह बढ़ी हुई सीमा उन कंपनियों के लिए उपलब्ध होगी जो भारत में पूरा प्रीमियम निवेश करती हैं।
उन्होंने कहा कि विदेशी निवेश से जुड़ी मौजूदा सुरक्षा और शर्तों की समीक्षा की जाएगी और उन्हें सरल बनाया जाएगा। जुलाई 2024 के बजट में घोषित सीमा शुल्क दरों की संरचना की व्यापक समीक्षा के एक भाग के रूप में मैं 7 टैरिफ दरों को हटाने का प्रस्ताव करती हूं, जो 2023-24 के केंद्रीय बजट में हटाए गए टैरिफ के अतिरिक्त है।
सीतारमण ने कहा, “मैं 82 टैरिफ लाइनों पर सामाजिक कल्याण अधिभार से छूट देने का प्रस्ताव करती हूं, जो उपकर के अधीन हैं।” सीतारमण ने बजट भाषण में कहा, “कैंसर, दीर्घकालिक या अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए मैं 36 जीवन रक्षक दवाओं को मूल सीमा शुल्क से पूरी तरह छूट वाली दवाओं की सूची में जोड़ने का प्रस्ताव करती हूं।”
सीतारमण ने कहा, “इस सफलता से प्रेरित होकर, 120 नए गंतव्यों तक क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने और अगले 10 वर्षों में 4 करोड़ अतिरिक्त यात्रियों को ले जाने के लिए संशोधित उड़ान योजना शुरू की जाएगी। ये योजना पहाड़ी, आकांक्षी और पूर्वोत्तर क्षेत्रीय जिलों में हेलीपैड और छोटे हवाई अड्डों का भी समर्थन करेगी। राज्य की भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए बिहार में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों की सुविधा दी जाएगी। ये पटना हवाई अड्डे और बिहटा में ब्राउनफील्ड हवाई अड्डे की क्षमता के विस्तार के अतिरिक्त होंगे। मिथिलांचल में पश्चिमी कोसी नहर ईआरएम परियोजना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसानों को लाभ होगा।”
