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बीजापुर, 31 जनवरी । जिला प्रशासन एवं यूनिसेफ द्वारा संचालित बीजादूतीर कार्यक्रम के अंतर्गत विकासखंड भैरमगढ़ , बीजापुर, भोपालपटनम के सभी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बीजादूतीर के स्वयं सेवकों द्वारा “हम होंगे कामयाब” कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। आज अशासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पापनपाल, बोरजे, नेमेड , बीजापुर, नेलसनार , भोपालपटनम के आत्मानंद स्कूलों में बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले कक्षा 10 वीं और 12 वीं के छात्र-छात्राओं को परीक्षा के तनाव और डर को दूर करने के उपाय बताए गए। कार्यशाला के दौरान छात्रों को प्रभावी पढ़ाई के तरीकों और आत्मविश्वास बनाए रखने के विभिन्न उपाय सिखाए गए। उन्हें समझाया गया कि नियमित और योजनाबद्ध अध्ययन के साथ-साथ मन को शांत रखने से परीक्षा का दबाव कम किया जा सकता है। इस दौरान ध्यान केंद्रित करने और व्यवस्थित समय प्रबंधन की तकनीकों पर भी चर्चा की गई और ध्यान योग व अन्य गतिविधी ली गई। कार्यशाला में छात्रों को तनाव, डर, घबराहट महसूस होने पर मदद के लिए एक टोल फ्री नंबर 81239 22651 भी उपलब्ध कराया गया, जिससे वे आवश्यकता पड़ने पर परीक्षा से तनाव व घबराहट या तैयारी से संबंधित सहायता प्राप्त कर सकें। इसके साथ ही यह संदेश दिया गया कि परीक्षा में सफलता को ही जीवन की सफलता का पैमाना न मानते हुए मानसिक स्वास्थ्य और संतुलित जीवनशैली को प्राथमिकता दें।
जिला शिक्षा अधिकारी लखन लाल धनेलिया ने आज शुक्रवार काे बताया कि “हम होंगे कामयाब” कार्यशाला बच्चों के लिए कारगर होगा इस कार्यशाला को जिले के सभी हाई व हॉयर सेकेंडरी स्कूलों में आयोजित किया जा रहा है। जिससे सभी बच्चों को परीक्षा पूर्व होने वाले तनाव व घबराहट से मदद मिलेगी । टॉल फ्री नंबर से बच्चे घर बैठे परामर्श ले सकेंगें। उम्मीद है ऐसे कार्यशाला से बच्चों में नई सकारात्मक सोच आयेगी और बच्चों का परीक्षाफल भी बेहतर होगा।
जिला समन्वयक अशोक पांडेय के द्वारा विभिन्न गतिविधियों और प्रेरणादायक चर्चाओं के माध्यम से छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाने पर जोर दिया गया। उन्होंने बताया कि परीक्षा पढ़ाई का मूल्यांकन है जीवन का नहीं और असफलता से निराश ना होकर लगातार प्रयास करने पर जोर देते हुए प्रेरित किया । तनाव की स्थिति उत्पन्न होने से कोई भी गलत कदम ना उठाएं बल्कि तनाव उत्पन्न होने से हेल्प लाइन नंबर पर कॉल करने की सलाह दी गई। ताकि बच्चों में ऐसे परिस्थितियों से बचाया जा सके। मानसिक रुप से मजबूत बनने की भी प्रेरणा दी। कार्यशाला ने यह सुनिश्चित किया कि छात्र परीक्षा की तैयारी के दौरान अपने मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें। इस आयोजन ने छात्रों को न केवल परीक्षा के तनाव से निपटने के उपाय बताए, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनने की प्रेरणा भी दी। इस कार्यशाला में स्कूल के प्राचार्य ,शिक्षक, ब्लॉक समन्वयक भारत कारम, हर्षिता पंडा, योहान लटकर एवं बीजादुतीर स्वयंसेवक के साथ अधिक संख्या में बच्चों की उपस्थिति रहीं।
