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नई दिल्ली, 18 जनवरी । भारत और अमेरिका ने साइबर अपराध जांच में सहयोग बढ़ाने के लिए कल वाशिंगटन डीसी में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस समझौता ज्ञापन पर अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा और कार्यवाहक अमेरिकी उप सचिव होमलैंड सुरक्षा क्रिस्टी कैनेगैलो ने हस्ताक्षर किए।
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शनिवार को घोषणा की कि भारत और अमेरिका ने आपराधिक जांच में साइबर खतरे की खुफिया जानकारी और डिजिटल फोरेंसिक पर सहयोग और सूचना साझा करने को बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत की ओर से भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी), गृह मंत्रालय (एमएचए) समझौता ज्ञापन के निष्पादन के लिए जिम्मेदार है। अमेरिका की ओर से यह होमलैंड सुरक्षा विभाग (डीएचएस) और इसकी घटक एजेंसियां अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) और होमलैंड सुरक्षा जांच साइबर अपराध केंद्र (सी3) हैं।
समझौता ज्ञापन दोनों देशों की संबंधित एजेंसियों को आपराधिक जांच में साइबर खतरे की खुफिया जानकारी और डिजिटल फोरेंसिक के उपयोग के संबंध में सहयोग और प्रशिक्षण के स्तर को बढ़ाने की अनुमति देता है।
साइबर अपराध का भारत और अमेरिका के सामने आने वाली आम सुरक्षा चुनौतियों से गहरा संबंध है, जैसे आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद, आतंकी वित्तपोषण, मादक पदार्थों की तस्करी, संगठित अपराध, मानव तस्करी, अवैध प्रवास, धनशोधन और परिवहन सुरक्षा। साइबर अपराध जांच पर समझौता ज्ञापन हमारी व्यापक और वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के हिस्से के रूप में भारत-अमेरिका सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने में सक्षम बनाएगा।
