जगदलपुर, 18 जनवरी । बस्तर जिला मुख्यालय में पारख परिवार के अरिहंत पारख सुपुत्र संगीता कमलेश पारख के विरती वरण महोत्सव में आज शनिवार काे अरिहंत का अभिनंदन पारख बाड़ा में किया गया। इसके बाद शोभा यात्रा धर्मनाथ जिनालय से निकाली गई, जिसमें जैन समाज सहित अन्य समाज के लाेगाें ने बड़ी संख्या में शामिल हाेकर अलग-अलग तरीके से अरिहंत का अभिनंदन करते रहे। अरिहंत के बड़े पिता किशोर पारख ने बताया कि बड़ी संख्या में लोग इस कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। उन्हाेने बताया कि मुमुक्षु बनने की प्रक्रिया आचार्य और वरिष्ठ मुनियों के सान्निध्य में पूरी होती है। इसके पांच सूत्र होते हैं, जिनका पालन मुमुक्षु बने अरिहंत को करना होगा। 23 वर्ष का अरिहंत मुमुक्षु बनने के बाद दीक्षा लेने 6 दिन बाद कैवल्यधाम तीर्थ कुम्हारी चला जाएगा। इससे पहले उसका अभिनंदन जैन समाज कर रहा है, 15 जनवरी से शुरू हुए कार्यक्रम का आज शनिवार काे अंतिम दिन था।
