समता और ममता आधारित समाज का निर्माण करें – श्री रामनाथ कश्यप
नारायणपुर, 26 नवंबर 2024
भारत के संविधान की 75वीं वर्षगांठ पर नारायणपुर के शासकीय स्वामी आत्मानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विशेष उत्साह के साथ संविधान दिवस मनाया गया। यह ऐतिहासिक अवसर भारतीय लोकतंत्र और सामाजिक समानता के प्रतीक के रूप में संविधान की महत्ता को रेखांकित करता है। महाविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा इस अवसर पर 25 और 26 नवंबर को दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें महाविद्यालय परिवार का विशेष योगदान रहा। 25 नवंबर को नारालेखन, भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। नारालेखन का विषय “भारतीय संविधान” था, जबकि वाद-विवाद का विषय “भारतीय संविधान: वकीलों का स्वर्ग” रखा गया। भाषण प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने “विश्व के विशाल संविधान की 75वीं गरिमा” पर अपने विचार व्यक्त किए। 26 नवंबर को मुख्य समारोह का शुभारंभ डॉ. भीमराव अंबेडकर और मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। राष्ट्रीय सेवा योजना के छात्रों ने लक्ष्यगीत प्रस्तुत कर सामाजिक चेतना का प्रसार किया।
समारोह के मुख्य अतिथि श्री रामनाथ कश्यप ( सदस्य, जनजातीय सलाहकार परिषद) ने भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन करवाया और संविधान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हमारे देश का संविधान न केवल हमारे अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि हमें अपने कर्तव्यों का बोध भी कराता है। इसलिए मेरा आप सभी से निवेदन है कि अपने कर्तव्यों को प्राथमिकता दें और कड़ी मेहनत से आगे बढ़ें। यही हमारे संविधान की असली भावना है। हम सभी का लक्ष्य एक ऐसा समाज खड़ा करना होना चाहिए, जो समता और ममता पर आधारित हो। ऐसा समाज, जहां हर व्यक्ति को समान अवसर मिले और हर दिल में दूसरों के लिए प्रेम और सम्मान हो। संविधान ने हमें यह मार्ग दिखाया है, और इसे साकार करना हम सबकी जिम्मेदारी है।
