Aaj ka Panchang 15 October 2026: ललिता पंचमी आज, नोट करें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूरा पंचांग
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जगदलपुर, 20 नवंबर । नगर निगम जगदलपुर में 450 प्लेसमेंट कर्मचारी एक सूत्रीय मांग को लेकर 19 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। इससे निगम के काम, पेयजल सप्लाई, सफाई व अन्य कामों पर पड़ा है। शहर में देर शाम तक स्ट्रीट लाइट ही नहीं जली, निगम के अधिकारी इसे जलाने कोशिश करते रहे। नगर निगम जगदलपुर एमआईसी सदस्य नरसिंह राव ने कहा कि सबसे अधिक सफाई और पेयजल की सप्लाई पर असर पड़ा है। रेगुलर कर्मचारियों के भरोसे व्यवस्था को सुधारने की कोशिश की जा रही है। सफाई व्यवस्था को सुधारने मिशन क्लीन सिटी के कर्मचारियों को लगाया है। वहीं दूसरी ओर संभागीय मुख्यालय स्थित पुरानी कृषि उपज मंडी में कर्मचारी मांगों का पूरा कराने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
छग नगर निकाय प्लेसमेंट कर्मचारी महासंघ के बैनर तले हड़ताल पर बैठे संघ के जिलाध्यक्ष शक्ति वेल ने बुधवार काे कहा कि छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय प्लेसमेंट कर्मचारी महासंघ के अंतर्गत कुल 184 नगरीय निकायों (नगर निगम 14, नगर पालिका 48 और नगर पंचायत 122) में विगत 15-20 वर्षों से कार्यरत 20 हजार प्लेसमेंट / आउटसोर्सिंग / ठेका कर्मचारी का एक मात्र संगठन है। संघठन के समस्त कर्मचारी निकायों में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के समकक्ष कार्यों का निर्वहन करते है, और अपने साथी कर्मचारियों के हितार्थ अपनी मांग को लेकर विगत वर्षों से निरंतर संघर्षरत है। उन्होंने कहा कि महासंघ के द्वारा विगत वर्षों से नगरीय निकायों में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों को शासन के अन्य विभागों के तर्ज पर निकायों से सीधे वेतन का भुगतान किए जाने के लिए समय-समय पर धरना, प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर शासन को अवगत कराते आ रहे है, लेकिन शासन–प्रशासन द्वारा उनकी मांगों पर कोई आवश्यक कार्रवाई नहीं हुई है। जिसकी वजह से 184 निकायों में काम करने वाले 20 हजार प्लेसमेंट कर्मचारी और उनका परिवार असंतोष और आक्रोशित हैं। उन्हाेंने कहा कि प्लेसमेंट कर्मचारियों को शासन के अन्य विभाग (जल संसाधन, पीडब्ल्यूडी, पीएचई व वन विभाग आदि) की तर्ज पर सीधे वेतन भुगतान करने समय-समय पर धरना-प्रदर्शन किया है। शासन-प्रशासन ने मांगों पर गंभीरता से कोई कार्रवाई नहीं की है। कर्मचारियों को निकायों से सीधे भुगतान (4000 श्रम सम्मान राशि सहित) करने पर अतिरिक्त व्यय का वहन नहीं करना पड़ेगा।
