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रायपुर, 12 नवंबर । जनभागीदारी से जल संचय में छत्तीसगढ़ पूरे देश में पहले स्थान पर है। केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई इस पहल पर उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। छत्तीसगढ़ राज्य में जल संचय, जनभागीदारी पहल के तहत जल संचय के एक लाख 53 हजार 533 कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 10 हजार 872 कार्य प्रगतिरत हैं। इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन में देश के पहले 10 जिलों में छत्तीसगढ़ के 8 जिलों ने अपना स्थान बनाया है।
छत्तीसगढ़ में जनभागीदारी से जल संचय के कार्यों में राज्य में पहले स्थान पर रायपुर जिला है, जहां 35 हजार 758 जल संचय के कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 5064 कार्य प्रगतिरत हैं। दूसरे स्थान पर बिलासपुर है, जहां 16,389 कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 1643 कार्य प्रगति पर हैं। तीसरे स्थान पर रायगढ़ जिला है, जहां 16,629 कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 662 कार्य प्रगति पर हैं। चौथे स्थान पर बलौदाबाजार-भाटापारा जिला है, जहां 16,730 कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 300 कार्य प्रगति पर हैं। पांचवे स्थान बलरामपुर-रामानुजगंज जिला है, जहां 8618 कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 586 कार्य प्रगति पर हैं। छठवें स्थान पर गरियाबंद जिला है, जहां 6899 कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 634 कार्य प्रगति पर हैं। सातवें स्थान पर दुर्ग जिला है, जहां 4915 कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 609 कार्य प्रगति पर हैं। दसवें स्थान पर धमतरी जिला है, जहां 3706 कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 107 कार्य प्रगति पर हैं।
जल संचय जन भागीदारी पहल प्रधानमंत्री मोदी के जल संरक्षण को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने के अटूट संकल्प का प्रतिबिंब है। यह पहल जल संरक्षण में जन भागीदारी के महत्व पर जोर देती है और सामूहिक पहल एवं एकजुटता से जलसंरक्षण की संकल्पना को साकार करती है। इस योजना का प्रमुख उद्देश्य अन्य गतिविधियों के अलावा कृत्रिम पुनर्भरण संरचनाओं, बोरवेल पुनर्भरण शाफ्ट के निर्माण पर विशेष बल दिया गया है, जिससे भंडारण क्षमता बढ़ेगी और भू-जल पुनर्भरण को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
