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विगत खरीफ वर्ष में पंजीकृत किसानों को खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए पंजीकृत माना जायेगा
नवीन पंजीयन तथा पंजीकृत फसल और रकबे में संशोधन की कार्यवाही 31 अक्टूबर तक
धान खरीदी से संबंधित समस्या होने टोल फ्री नम्बर 1800-233-3663 पर कर सकते है संपर्क
गरियाबंद, 19 अक्टूबर 2024
कलेक्टर श्री दीपक कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान एवं मक्का खरीदी हेतु किसान पंजीयन के संबंध में खाद्य, कृषि, मंडी सचिव, सहकारिता, जिला विपणन, नोडल अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि खरीफ विपणन 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान और मक्का की खरीदी के लिए किसानों का पंजीयन एक जुलाई से चल रहा है, जो 31 अक्टूबर तक चलेगा। पंजीयन के लिए सभी किसान अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, सहकारी समिति प्रबंधक से संपर्क कर नया पंजीयन करा सकते हैं। धान खरीदी से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या होने पर खाद्य विभाग का टोल फ्री नम्बर 1800-233-3663 पर संपर्क किया जा सकता है।
खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के धान खरीदी की समीक्षा के पूर्व कलेक्टर ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत हितग्राहियों की सुविधा के लिए शेष बचे राशन कार्ड नवीनीकरण एवं ईकेवाईसी कराने के लिए 31 अक्टूबर 2024 तक कराने के निर्देश दिये हैं। इसके लिए सभी उचित मूल्य के दुकानों में फ्लैक्स के माध्यम से नागरिकों को सूचना देने एवं मुनादी कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कैरी फारवर्ड हेतु एकीकृत किसान पोर्टल में छुटे हुए कृषकों के पंजीयन करने के लिए एसडीएम एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को तीन दिवस के भीतर वन अधिकार पट्टा एवं राजस्व मामले के पट्टे का निराकरण करने के निर्देश दिये। अनुविभागीय अधिकारियों को फसल बीमा प्रयोग एवं प्रत्येक ग्राम के औसत उत्पादकता के आधार पर जिले के औषत धान उत्पादन की जानकारी तैयार कर उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही ग्रामवार पड़त भूमि का सत्यापन कराने, धान के अतिरिक्त लगाये गये अन्य फसल की जानकारी का प्रमाण पत्र पटवारियों से 25 अक्टूबर तक लेने को कहा। जिले में गिरदावरी रिपोर्ट का अंतिम प्रकाशन 20 अक्टूबर 2024 तक होना है। इसके आधार पर आगामी धान खरीदी की तैयारियां करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि समिति स्तर पर कृषकों का रकबा परिवर्तन की प्रवृष्टि नहीं किया जाएगा बल्कि तहसील द्वारा करने के निर्देश दिये। उन्होंने ऐसे कृषकों की जानकारी उलब्ध कराने को कहा जो किसान विगत वर्षो में समर्थन मूल्य में धान बिक्री में समिति में आये है और चालू सीजन में धान विक्रय के लिए आते है तो इसकी सूचना तत्काल अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं तहसीलदार को देने को कहा। बैठक में कृषकों के पंजीकृत रकबा का एप्प के माध्यम से पटवारियों एवं कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों द्वारा रेण्डम करने को कहा। जिसे तहसील स्तर पर 5 प्रतिशत कुल पंजीकृत रकबा का, 5 प्रतिशत जिला स्तर पर और दो प्रतिशत राज्य स्तर के अधिकारियों द्वारा किया जायेगा। इसके लिए सत्यापन दल का गठन 21 अक्टूबर तक कर लेने तथा 22 अक्टूबर तक इनकी बैठक बुलाकर देने के निर्देश दिये। जिला स्तर जांच दल का गठन 5 नवम्बर तक करने एवं उनका प्रशिक्षण 6 नवम्बर तक कराने के निर्देश दिये। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने शासन द्वारा जिले के सात संवेदनशील धान खरीदी केन्द्रों के अतिरिक्त ऐसे समस्त केन्द्रों के पहचान करने को कहा, जहां विगत वर्ष 1 प्रतिशत की अधिक की कमी या धान के निराकरण में कठिनाई हुई हो। इस दौरान जिला विपणन अधिकारी श्री अमित चन्द्राकर ने बताया कि गत खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में 30 धान उपार्जन केन्द्र को संवेदनशील श्रेणी का बताया। कलेक्टर ने उन 30 केन्द्रों में से सात केन्द्र इनमें देवभोग, झाखरपारा, ढोररा, तेतलखुंटी, उरमाल, रसेला एवं दुल्ला को विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिये। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्र के लिए विशेष जांच दल का गठन करने एवं गत वर्ष अनुसार 30 चेकपोस्ट में रोस्टरवार अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिये। उन्होंने सीएसआर मद से संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरा लगाने एवं कन्ट्रोल रूप तैयार का उसका फुटेज देखने के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने को कहा। इसके अलावा राजिम क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरा सहित अतिरिक्त चेकपोस्ट लगाने के निर्देश दिये।
कलेक्टर ने मंडी सचिव को कहा कि विगत वर्ष की धान खरीदी में निर्मित प्रकरण, लगाए गये जुर्माना एवं की गई कार्यवाही की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए निर्देश दिये। साथ ही फुटकर कोचियों, लाइसेंसी की जानकारी खाद्य विभाग एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने जिले के खाद्य निरीक्षक एवं सहायक खाद्य अधिकारियों को सभी राईस मिलर्स के बिजली बिल के मासिक खपत एवं मीलिंग किये गये चावल को इंटीग्रेट करते हुए पोर्टल में इंन्द्राज करने, साथ ही मिलर्स के शासकीय चावल निजी धान एवं निजी चावल, विद्युत खपत का स्पष्ट निर्धारण हेतु फिल्ड सर्वे करने के निर्देश दिए। उन्होंने सहकारी बैंक के अधिकारियों को सहकारी समितियों में धान बेचने वाले आने वाले कृषकों के ऋण पुस्तिका में इन्द्राज के बाद तुरंत लौटाने के निर्देश दिये। साथ ही अधिया रेगहा वाले किसानों का समिति में सहमति पत्र लेकर संधारित करने कहा गया है। धान के रख-रखाव ड्रेनेज मटेरियल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
